सम्मान सभी को देना मगर आत्मसम्मान कभी न खोना।
अपानी सेहत से प्रेम कीजिये वरना आप किसी से भी प्रेम करने के लायक नही रहेंगे..
कभी कभी आप बिना कुछ गलत किये भी बुरे बन जाते है क्योंकि जैसा लोग चाहते थे आप वैसा नही करते
नींद और निंदा पर जो विजय पा लेते है.. उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता..
रिश्तो में झुकना कोई अजीब बात नही, सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए.
एक बार काम को सच्ची लगन से शुरू तो करो कुदरत ख़ुद ब खुद रास्ते खोलता जाएगा
सम्मान सभी को देना मगर आत्मसम्मान कभी न खोना।
अपानी सेहत से प्रेम कीजिये वरना आप किसी से भी प्रेम करने के लायक नही रहेंगे..
कभी कभी आप बिना कुछ गलत किये भी बुरे बन जाते है क्योंकि जैसा लोग चाहते थे आप वैसा नही करते
नींद और निंदा पर जो विजय पा लेते है.. उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता..
रिश्तो में झुकना कोई अजीब बात नही, सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए.
एक बार काम को सच्ची लगन से शुरू तो करो कुदरत ख़ुद ब खुद रास्ते खोलता जाएगा