अच्छाई की शुरुवात खुद से ही करनी पड़ती है क्योंकि तिलक भी दूसरों को लगाने से पहले खुद की उँगली पर लगाना होता है
हर एक चीज में खूबसूरती होती है, लेकिन हर कोई उसे नहीं देख पाता
यदि सफल होना चाहते हो, तो पहले अपने ‘अभिमान’ को नाश कर डालो ।
चिंता उतनी करो की काम हो जाये..इतनी नही की ज़िन्दगी तमाम हो जाये
हौसले जिनके चट्टान हुआ करते हैं रास्ते उनके ही आसान हुआ करते हैं ए नादान न घबरा इन परेशानियों से ये तो पल भर के मेहमान हुआ करते हैं
प्रत्येक अवसर के लिए तैयार रहना ही सफलता है
अच्छाई की शुरुवात खुद से ही करनी पड़ती है क्योंकि तिलक भी दूसरों को लगाने से पहले खुद की उँगली पर लगाना होता है
हर एक चीज में खूबसूरती होती है, लेकिन हर कोई उसे नहीं देख पाता
यदि सफल होना चाहते हो, तो पहले अपने ‘अभिमान’ को नाश कर डालो ।
चिंता उतनी करो की काम हो जाये..इतनी नही की ज़िन्दगी तमाम हो जाये
हौसले जिनके चट्टान हुआ करते हैं रास्ते उनके ही आसान हुआ करते हैं ए नादान न घबरा इन परेशानियों से ये तो पल भर के मेहमान हुआ करते हैं
प्रत्येक अवसर के लिए तैयार रहना ही सफलता है