"इतने बड़े बनो कि जब आप खड़े हों तो कोई बैठा न रहे !"
किसी का जीवन बदलेगा किसी का 'दिल' बदलेगा, तो.. किसी के 'दिन' बदलेंगे...!
गलती कबूल करने और गुनाह छोड़ने में कभी देर ना करे क्योकिं सफर जितना लम्बा होगा वापसी उतनी मुश्किल हो जायेगी
शीशे की तरह चरित्रवान बनो ताकि लोग तुम्हे देखकर अपने चरित्र के दोषों को दूर करें जैसा कि वे शीशे को देखकर अपने चेहरे के दोषों को दूर करते हैं
हर सुबह इस यकीन के साथ उठो कि मेरा आज बीते हुए कल से बेहतर होगा
"जीवन" में "पीछे" देखो "अनुभव" मिलेगा "जीवन में "आगे" देखो तो "आशा" मिलेगी "दायें" "बायें" देखो तो "सत्य" मिलेगा "स्वयं" के "अंदर" देखो तो "परमात्मा" और "आत्मविश्वास" मिलेगा
"इतने बड़े बनो कि जब आप खड़े हों तो कोई बैठा न रहे !"
किसी का जीवन बदलेगा किसी का 'दिल' बदलेगा, तो.. किसी के 'दिन' बदलेंगे...!
गलती कबूल करने और गुनाह छोड़ने में कभी देर ना करे क्योकिं सफर जितना लम्बा होगा वापसी उतनी मुश्किल हो जायेगी
शीशे की तरह चरित्रवान बनो ताकि लोग तुम्हे देखकर अपने चरित्र के दोषों को दूर करें जैसा कि वे शीशे को देखकर अपने चेहरे के दोषों को दूर करते हैं
हर सुबह इस यकीन के साथ उठो कि मेरा आज बीते हुए कल से बेहतर होगा
"जीवन" में "पीछे" देखो "अनुभव" मिलेगा "जीवन में "आगे" देखो तो "आशा" मिलेगी "दायें" "बायें" देखो तो "सत्य" मिलेगा "स्वयं" के "अंदर" देखो तो "परमात्मा" और "आत्मविश्वास" मिलेगा