हम जो कुछ भी हैं वो हमने आज तक क्या सोचा इस बात का परिणाम है. यदि कोई व्यक्ति बुरी सोच के साथ बोलता या काम करता है , तो उसे कष्ट ही मिलता है. यदि कोई व्यक्ति शुद्ध विचारों के साथ बोलता या काम करता है, तो उसकी परछाई की तरह ख़ुशी उसका साथ कभी नहीं छोडती
गुरू केवल आपको शिक्षा दे सकता है उसका उपयोग कैसे करना है ये आपके ऊपर निर्भर करता हैं ।
राह संघर्ष की जो चलता है, वो ही संसार को बदलता है, जिसने रातों से जंग जीती है, सूर्य बनकर वही निकलता है।
आपके पास जितना समय अभी है, उससे अधिक समय कभी नहीं होगा
दूध के लिए हथिनी पालने की जरुरत नहीं होती। अर्थात आवश्कयता के अनुसार साधन जुटाने चाहिए।
जिन्हें आप खुश देखना चाहते हैं उन्हें यही पर सुख देना... क्योकि.. ताजमहल दुनिया ने देखा है मुमताज ने नही..!"
हम जो कुछ भी हैं वो हमने आज तक क्या सोचा इस बात का परिणाम है. यदि कोई व्यक्ति बुरी सोच के साथ बोलता या काम करता है , तो उसे कष्ट ही मिलता है. यदि कोई व्यक्ति शुद्ध विचारों के साथ बोलता या काम करता है, तो उसकी परछाई की तरह ख़ुशी उसका साथ कभी नहीं छोडती
गुरू केवल आपको शिक्षा दे सकता है उसका उपयोग कैसे करना है ये आपके ऊपर निर्भर करता हैं ।
राह संघर्ष की जो चलता है, वो ही संसार को बदलता है, जिसने रातों से जंग जीती है, सूर्य बनकर वही निकलता है।
आपके पास जितना समय अभी है, उससे अधिक समय कभी नहीं होगा
दूध के लिए हथिनी पालने की जरुरत नहीं होती। अर्थात आवश्कयता के अनुसार साधन जुटाने चाहिए।
जिन्हें आप खुश देखना चाहते हैं उन्हें यही पर सुख देना... क्योकि.. ताजमहल दुनिया ने देखा है मुमताज ने नही..!"