ज़िन्दगी में आप जितना कम बोलते है आपकी उतनी ज्यादा सुनी जाएगा
इंसान सफल तब होता है जब वो दुनिया को नही बल्कि खुद को बदलना शुरू कर देता है।
भगवान से कुछ मांगना है तो सदबुद्धिद मांगिए बाकी सब अपने आप मिल जायेगा
जहा बदलना जरूरी हो जाता है, वहां बदलना सीखिए
आपके आने वाले "कल" का "नसीब" आपके बीते हुए "कल" के "कर्मो" पर निर्भर करता है
जहाँ दूसरे को समझाना मुश्किल हो जाये, वहाँ खुद को समझा लेना बहतर होता है.
ज़िन्दगी में आप जितना कम बोलते है आपकी उतनी ज्यादा सुनी जाएगा
इंसान सफल तब होता है जब वो दुनिया को नही बल्कि खुद को बदलना शुरू कर देता है।
भगवान से कुछ मांगना है तो सदबुद्धिद मांगिए बाकी सब अपने आप मिल जायेगा
जहा बदलना जरूरी हो जाता है, वहां बदलना सीखिए
आपके आने वाले "कल" का "नसीब" आपके बीते हुए "कल" के "कर्मो" पर निर्भर करता है
जहाँ दूसरे को समझाना मुश्किल हो जाये, वहाँ खुद को समझा लेना बहतर होता है.