मुस्करा कर देखो तो सारा जहाॅ रंगीन है, वर्ना भीगी पलको से तो आईना भी धुधंला नजर आता है।
मूर्ख का हृदय सूना रहता है, पुत्र रहित घर सुना रहता है, लेकिन गरीब का घर इनसे कहीं अधिक सूना रहता है. अतः आदमी को परिश्रम करके इस पर विजय पानी चाहिए.
कड़ी मेहनत और खुदा की रहमत इंसान को गिरने नही देती...
जिस काम में काम करने की हद पार ना हो फिर वो काम किसी काम का नही
जिंदगी में इतना काबिल बनो की भगवान किसी गरीब की मदद करने के लिए तुम्हारी जेब का इस्तेमाल करे
सुख दुख तो अतिथि है, बारी बारी से आएंगे, चले जाएंगे यदि वह नहीं आएंगे तो, हम अनुभव कहां से लाएंगे
मुस्करा कर देखो तो सारा जहाॅ रंगीन है, वर्ना भीगी पलको से तो आईना भी धुधंला नजर आता है।
मूर्ख का हृदय सूना रहता है, पुत्र रहित घर सुना रहता है, लेकिन गरीब का घर इनसे कहीं अधिक सूना रहता है. अतः आदमी को परिश्रम करके इस पर विजय पानी चाहिए.
कड़ी मेहनत और खुदा की रहमत इंसान को गिरने नही देती...
जिस काम में काम करने की हद पार ना हो फिर वो काम किसी काम का नही
जिंदगी में इतना काबिल बनो की भगवान किसी गरीब की मदद करने के लिए तुम्हारी जेब का इस्तेमाल करे
सुख दुख तो अतिथि है, बारी बारी से आएंगे, चले जाएंगे यदि वह नहीं आएंगे तो, हम अनुभव कहां से लाएंगे