एक अकेला पहिया नहीं चला करता।
आपकी इज्जत तब होती है जब आपके पास कुछ ऐसा होता है जो सबके पास नहीं होता .
लक्ष्मी की चोरी हो सकती है लेकिन सरस्वती की नही इसलिए अपने बच्चो को धनवान बनाने से पहले शिक्षित बनाये
अगर तुम एक खुशहाल जीवन जीना चाहते हो, तो अपने आप को अपने उद्देश्य से बांध लो ना कि लोगो से।
बुद्धिमान व्यक्ति के प्रति अपराध कर कोई दूर भी चला जाए तो चैन से न बैठे, क्योंकि बुद्धिमान व्यक्ति की बाहें लंबी होती है और समय आने पर वह अपना बदला लेता है।
ईश्वर सिर्फ दिशा दिखा सकता है उस पथ पर चलना, हमारा काम है और वास्तविकता में अगर तुम चलना ही नहीं चाहते फिर तुम्हारा ईश्वर को दोष देना व्यर्थ है!
एक अकेला पहिया नहीं चला करता।
आपकी इज्जत तब होती है जब आपके पास कुछ ऐसा होता है जो सबके पास नहीं होता .
लक्ष्मी की चोरी हो सकती है लेकिन सरस्वती की नही इसलिए अपने बच्चो को धनवान बनाने से पहले शिक्षित बनाये
अगर तुम एक खुशहाल जीवन जीना चाहते हो, तो अपने आप को अपने उद्देश्य से बांध लो ना कि लोगो से।
बुद्धिमान व्यक्ति के प्रति अपराध कर कोई दूर भी चला जाए तो चैन से न बैठे, क्योंकि बुद्धिमान व्यक्ति की बाहें लंबी होती है और समय आने पर वह अपना बदला लेता है।
ईश्वर सिर्फ दिशा दिखा सकता है उस पथ पर चलना, हमारा काम है और वास्तविकता में अगर तुम चलना ही नहीं चाहते फिर तुम्हारा ईश्वर को दोष देना व्यर्थ है!