याद रखिए अगर आप किसी को रोशनी दिखाने के लिए दीपक जलाएंगे तो उजाला आपके सामने भी होगा
सुखी सिर्फ वहीं रह सकता है जो जान गया हो कि दुनिया में हर किसी के पास गम है
मनुष्य रूप, यौवन और मदिरा में खोकर अपने आप को ही भूल जाता है, लेकिन जब उसे होश आता है तो नरक का द्वार उसके सामने होता है. अर्थात सूरा-सुंदरी का सुख मनुष्य को नरक के अतिरिक्त कुछ नहीं दे सकता. इससे बचना ही श्रेयस्कर है.
इंसान नहीं, उसकी सफलता बोलती है जब असफलता होती है तब इंसान लाख बोले उसकी कोई नहीं सुनता
हारे हुए इंसान की सलाह, जीते हुए इंसान का अनुभव और ख़ुद का दिमाग़ आपको कभी हारने नहीं देगा
आप,अपनी चिंताओं का आकार देखकर,अपने ईश्वर के आकार को जान सकते हो, जितनी लम्बी आपकी लिस्ट होगी, उतना छोटा आपका ईश्वर होगा
याद रखिए अगर आप किसी को रोशनी दिखाने के लिए दीपक जलाएंगे तो उजाला आपके सामने भी होगा
सुखी सिर्फ वहीं रह सकता है जो जान गया हो कि दुनिया में हर किसी के पास गम है
मनुष्य रूप, यौवन और मदिरा में खोकर अपने आप को ही भूल जाता है, लेकिन जब उसे होश आता है तो नरक का द्वार उसके सामने होता है. अर्थात सूरा-सुंदरी का सुख मनुष्य को नरक के अतिरिक्त कुछ नहीं दे सकता. इससे बचना ही श्रेयस्कर है.
इंसान नहीं, उसकी सफलता बोलती है जब असफलता होती है तब इंसान लाख बोले उसकी कोई नहीं सुनता
हारे हुए इंसान की सलाह, जीते हुए इंसान का अनुभव और ख़ुद का दिमाग़ आपको कभी हारने नहीं देगा
आप,अपनी चिंताओं का आकार देखकर,अपने ईश्वर के आकार को जान सकते हो, जितनी लम्बी आपकी लिस्ट होगी, उतना छोटा आपका ईश्वर होगा