ज्वाला जगा अन्दर, किस बात से है तंग, दुनिया से नहीं, खुद से है तेरी जंग
अपने आप को हर परिश्थिति में शांत रहने के लिए तैयार करे.
आप चाहकर भी लोगो की अपने प्रति लोगो की धारणा नही बदल सकते इसलिए
कोई भी काम कठिन हो सकता है लेकिन असंभव नही
हर इंसान की सोच हमसे मिले ये संभव नही, पर हम उन्हें उनकी सोच के साथ स्वीकार कर सकें यहीं हमारी सही पहचान होती है...
किसी का जवाब ना आना भी एक जवाब ही है की अब वो इंसान आपके साथ नही रहना चाहता आप भी समझदारी के साथ फैसला लीजिये और उसे उसके हाल पर छोड़ दीजिए.
ज्वाला जगा अन्दर, किस बात से है तंग, दुनिया से नहीं, खुद से है तेरी जंग
अपने आप को हर परिश्थिति में शांत रहने के लिए तैयार करे.
आप चाहकर भी लोगो की अपने प्रति लोगो की धारणा नही बदल सकते इसलिए
कोई भी काम कठिन हो सकता है लेकिन असंभव नही
हर इंसान की सोच हमसे मिले ये संभव नही, पर हम उन्हें उनकी सोच के साथ स्वीकार कर सकें यहीं हमारी सही पहचान होती है...
किसी का जवाब ना आना भी एक जवाब ही है की अब वो इंसान आपके साथ नही रहना चाहता आप भी समझदारी के साथ फैसला लीजिये और उसे उसके हाल पर छोड़ दीजिए.