उतनी देर तक ही खामोश रहो, जब तक लोग तुम्हें कमजोर न समझे
अगर जीवन मे कभी मौका मिले तो सारथी बनने का प्रयास करना स्वार्थी नही !
इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।
अगर आप किसी की सफ़लता से खुश नहीं होते तो आप कभी सफ़ल नही हो सकते
जो किसी दुर्बल का अपमान नहीं करता, सदा सावधान रहकर शत्रु से बुद्धि पूर्वक व्यवहार करता है, बलवानों के साथ युद्ध पसंद नहीं करता तथा समय आने पर पराक्रम दिखाता है, वही धीर है।
अधर्म बुद्धि से आत्मविनाश की सुचना मिलती है।
उतनी देर तक ही खामोश रहो, जब तक लोग तुम्हें कमजोर न समझे
अगर जीवन मे कभी मौका मिले तो सारथी बनने का प्रयास करना स्वार्थी नही !
इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।
अगर आप किसी की सफ़लता से खुश नहीं होते तो आप कभी सफ़ल नही हो सकते
जो किसी दुर्बल का अपमान नहीं करता, सदा सावधान रहकर शत्रु से बुद्धि पूर्वक व्यवहार करता है, बलवानों के साथ युद्ध पसंद नहीं करता तथा समय आने पर पराक्रम दिखाता है, वही धीर है।
अधर्म बुद्धि से आत्मविनाश की सुचना मिलती है।