आपके पास जितना समय अभी है, उससे अधिक समय कभी नहीं होगा
यदि गुलाब की तरह खिलना चाहते है तो काँटों के साथ तालमेल की कला सीखनी होगी!
होकर मायूस न यूँ शाम की तरह ढलते रहिये, जिंदगी एक भोर है सूरज की तरह निकलते रहिये
कभी दूसरों को दिखाने के लिए कोई काम मत करना काम ऐसे करें, कि सभी आपको देखते ही रह जाए
समझदार वही है जो फूँक-फूँक कर कदम रखे, पानी को छानकर पिए, शास्त्रानुसार वाक्य बोले और सोच-विचार कर कर्म करे. इस तरह किए गए कार्य में सफलता अवश्य मिलती है .
समय कई ज़ख्म देता है इसलिए घड़ी में फूल नही काटे होते है
आपके पास जितना समय अभी है, उससे अधिक समय कभी नहीं होगा
यदि गुलाब की तरह खिलना चाहते है तो काँटों के साथ तालमेल की कला सीखनी होगी!
होकर मायूस न यूँ शाम की तरह ढलते रहिये, जिंदगी एक भोर है सूरज की तरह निकलते रहिये
कभी दूसरों को दिखाने के लिए कोई काम मत करना काम ऐसे करें, कि सभी आपको देखते ही रह जाए
समझदार वही है जो फूँक-फूँक कर कदम रखे, पानी को छानकर पिए, शास्त्रानुसार वाक्य बोले और सोच-विचार कर कर्म करे. इस तरह किए गए कार्य में सफलता अवश्य मिलती है .
समय कई ज़ख्म देता है इसलिए घड़ी में फूल नही काटे होते है