तेरे चेहरे में ऐसा क्या है आखिर, जिसे बरसों से देखा जा रहा है
बिन कहें मेैं समझ जाउ, वो अहसांस हो तुम
क्या खबर थी की मुहब्बत हो जायेगी। हमें तो सिर्फ उनका मुस्कुराना अच्छा लगा था |
मोहब्बत का एक फरिश्ता ऐसा मिला खुदा तो नही पर खुदा सा मिला
ऐसा-वैसा नहीं बेहद और बेशुमार चाहिये... मुझे तुम... तुम्हारा वक्त... और तुम्हारा प्यार चाहिये...
तेरे मुस्कुराने का असर सेहत पे होता है लोग पूछ लेते है..दवा का नाम क्या है
तेरे चेहरे में ऐसा क्या है आखिर, जिसे बरसों से देखा जा रहा है
बिन कहें मेैं समझ जाउ, वो अहसांस हो तुम
क्या खबर थी की मुहब्बत हो जायेगी। हमें तो सिर्फ उनका मुस्कुराना अच्छा लगा था |
मोहब्बत का एक फरिश्ता ऐसा मिला खुदा तो नही पर खुदा सा मिला
ऐसा-वैसा नहीं बेहद और बेशुमार चाहिये... मुझे तुम... तुम्हारा वक्त... और तुम्हारा प्यार चाहिये...
तेरे मुस्कुराने का असर सेहत पे होता है लोग पूछ लेते है..दवा का नाम क्या है