एक छात्र की तरह पढ़ें, एक अधिकारी की तरह सोचें और एक नेता की तरह कार्य करें।
सफलता किताबों की संख्या से नहीं, बल्कि एक ही किताब को कितनी बार सही से पढ़ा गया है, उससे आती है।
समाज 'पद' का सम्मान करता है, लेकिन आत्मा केवल 'प्रक्रिया' का सम्मान करती है।
आपकी प्रतियोगिता लाखों आवेदकों से नहीं, बल्कि उस व्यक्ति से है जो आप कल थे।
कागज का एक टुकड़ा भविष्य तय नहीं करता, लेकिन UPSC की 'फाइनल लिस्ट' जिंदगी बदल देती है।
अपने वैकल्पिक विषय (Optional) में इतने माहिर बनें कि परीक्षक भी आपसे प्रभावित हो जाए।
एक छात्र की तरह पढ़ें, एक अधिकारी की तरह सोचें और एक नेता की तरह कार्य करें।
सफलता किताबों की संख्या से नहीं, बल्कि एक ही किताब को कितनी बार सही से पढ़ा गया है, उससे आती है।
समाज 'पद' का सम्मान करता है, लेकिन आत्मा केवल 'प्रक्रिया' का सम्मान करती है।
आपकी प्रतियोगिता लाखों आवेदकों से नहीं, बल्कि उस व्यक्ति से है जो आप कल थे।
कागज का एक टुकड़ा भविष्य तय नहीं करता, लेकिन UPSC की 'फाइनल लिस्ट' जिंदगी बदल देती है।
अपने वैकल्पिक विषय (Optional) में इतने माहिर बनें कि परीक्षक भी आपसे प्रभावित हो जाए।