अनुशासन का अर्थ है: जो आप अभी चाहते हैं और जो आप सबसे ज्यादा चाहते हैं, उसके बीच का चुनाव।
समाज 'पद' का सम्मान करता है, लेकिन आत्मा केवल 'प्रक्रिया' का सम्मान करती है।
एक अभ्यर्थी और एक अधिकारी के बीच का अंतर केवल मेहनत के 'अतिरिक्त घंटे' का होता है।
जब मन हारने लगे, तो याद करना कि आपने लक्ष्मीकांत का पहला पन्ना क्यों पलटा था।
आपकी कलम की स्याही आपके भविष्य का पसीना है।
आपका कमरा छोटा हो सकता है, लेकिन आपकी दृष्टि इतनी बड़ी होनी चाहिए कि उसमें पूरा देश समा जाए।
अनुशासन का अर्थ है: जो आप अभी चाहते हैं और जो आप सबसे ज्यादा चाहते हैं, उसके बीच का चुनाव।
समाज 'पद' का सम्मान करता है, लेकिन आत्मा केवल 'प्रक्रिया' का सम्मान करती है।
एक अभ्यर्थी और एक अधिकारी के बीच का अंतर केवल मेहनत के 'अतिरिक्त घंटे' का होता है।
जब मन हारने लगे, तो याद करना कि आपने लक्ष्मीकांत का पहला पन्ना क्यों पलटा था।
आपकी कलम की स्याही आपके भविष्य का पसीना है।
आपका कमरा छोटा हो सकता है, लेकिन आपकी दृष्टि इतनी बड़ी होनी चाहिए कि उसमें पूरा देश समा जाए।