सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में.

सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में.

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जो उपकार करे, उसका प्रत्युपकार करना चाहिए, यही सनातन धर्म है

जगत पालनहार है माँ, मुक्ति का धाम है माँ, हमारी भक्ति का आधार है माँ, सबकी रक्षा की अवतार है माँ, शुभ नवरात्रि

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटी समप्रभा,निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्व-कार्येशु सर्वदा॥

देने के बदले लेना तो बिमारी है | और जो देकर भी कुछ ना ले वही तो बांके बिहारी है | राधे राधे

श्री कृष्ण कहते हैं मुँह से मांफ करने में किसी को वक्त नहीं लगता पर दिल से मांफ करने में सारी उम्र बीत जाती है

|| ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॐ ||

जो उपकार करे, उसका प्रत्युपकार करना चाहिए, यही सनातन धर्म है

जगत पालनहार है माँ, मुक्ति का धाम है माँ, हमारी भक्ति का आधार है माँ, सबकी रक्षा की अवतार है माँ, शुभ नवरात्रि

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटी समप्रभा,निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्व-कार्येशु सर्वदा॥

देने के बदले लेना तो बिमारी है | और जो देकर भी कुछ ना ले वही तो बांके बिहारी है | राधे राधे

श्री कृष्ण कहते हैं मुँह से मांफ करने में किसी को वक्त नहीं लगता पर दिल से मांफ करने में सारी उम्र बीत जाती है

|| ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॐ ||