नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥

नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥

Share:

More Like This

माँ ! मैं सब कुछ भूल सकती हूँ…तुम्हे नहीं ।

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर ।जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥१॥

कर्मो से डरिये, ईश्वर से नहीं, ईश्वर माफ कर देता है | कर्म माफ नहीं करते !!

Dear God, thank you for being there when nobody else was.

मनुष्य को कभी भी सत्य, दान, कर्मण्यता, अनसूया (गुणों में दोष दिखाने की प्रवृत्ति का अभाव ), क्षमा तथा धैर्य – इन छः गुणों का त्याग नहीं करना चाहिए।

जो उपकार करे, उसका प्रत्युपकार करना चाहिए, यही सनातन धर्म है

माँ ! मैं सब कुछ भूल सकती हूँ…तुम्हे नहीं ।

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर ।जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥१॥

कर्मो से डरिये, ईश्वर से नहीं, ईश्वर माफ कर देता है | कर्म माफ नहीं करते !!

Dear God, thank you for being there when nobody else was.

मनुष्य को कभी भी सत्य, दान, कर्मण्यता, अनसूया (गुणों में दोष दिखाने की प्रवृत्ति का अभाव ), क्षमा तथा धैर्य – इन छः गुणों का त्याग नहीं करना चाहिए।

जो उपकार करे, उसका प्रत्युपकार करना चाहिए, यही सनातन धर्म है