कण कण में विष्णु बसें जन जन में श्रीराम प्राणों में माँ जानकी मन में बसे हनुमान ! जय श्री राम

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॥ शुभ नवरात्री ॥

॥ ॐ ह्रीं दुं दुर्गाय नमः ॥

सुबह का आरंभ हरि के चरणों में नमन के साथ करें जय श्री कृष्णा

जगत पालनहार है माँ, मुक्ति का धाम है माँ, हमारी भक्ति का आधार है माँ, सबकी रक्षा की अवतार है माँ, शुभ नवरात्रि

सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में.

जो उपकार करे, उसका प्रत्युपकार करना चाहिए, यही सनातन धर्म है

॥ शुभ नवरात्री ॥

॥ ॐ ह्रीं दुं दुर्गाय नमः ॥

सुबह का आरंभ हरि के चरणों में नमन के साथ करें जय श्री कृष्णा

जगत पालनहार है माँ, मुक्ति का धाम है माँ, हमारी भक्ति का आधार है माँ, सबकी रक्षा की अवतार है माँ, शुभ नवरात्रि

सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उस माँ के चरण में.

जो उपकार करे, उसका प्रत्युपकार करना चाहिए, यही सनातन धर्म है