माँ ! मैं सब कुछ भूल सकती हूँ…तुम्हे नहीं ।
"सबसे पहला प्रेम ज़िन्दगी में उससे होना चाहिए, जिसने ये सब कुछ बनाया। उससे होना चाहिए जो बिना मांगे देता है।"
नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥
छड्ड दे फिकरा कल दिया, तूं हस के अज गुज़ार, कल जो होना होके रहना, आपे भली करू करतार वाहेगुरु जी
लोग तो दुनियाँ वालो से यारी करते है मेरी तो दुनियाँ बनाने वालो से यारी है
स्पर्श वो नहीं जिसने शरीर को पाया हो, स्पर्श तो वो है जिसने आत्मा को गले लगाया हो | जय श्री राधे कृष्णा
माँ ! मैं सब कुछ भूल सकती हूँ…तुम्हे नहीं ।
"सबसे पहला प्रेम ज़िन्दगी में उससे होना चाहिए, जिसने ये सब कुछ बनाया। उससे होना चाहिए जो बिना मांगे देता है।"
नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥
छड्ड दे फिकरा कल दिया, तूं हस के अज गुज़ार, कल जो होना होके रहना, आपे भली करू करतार वाहेगुरु जी
लोग तो दुनियाँ वालो से यारी करते है मेरी तो दुनियाँ बनाने वालो से यारी है
स्पर्श वो नहीं जिसने शरीर को पाया हो, स्पर्श तो वो है जिसने आत्मा को गले लगाया हो | जय श्री राधे कृष्णा