#कृपा जिनकी मेरे ऊपर, #तेवर भी उन्हीं का #वरदान है । #शान से जीना सिखाया जिसने, #महाकाल उनका नाम है ।
माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।
राम उसका रावण भी उसका, जीवन उसका मरण भी उसका, ताण्डव है और ध्यान भी वो है, अज्ञानी का ज्ञान भी वो है ।
नही पता कौन हूँ मैं और कहा मुझे जाना हैं, महादेव ही मेरी मँजिल हैं और महाकाल का दर ही मेरा ठिकाना हैं।
दे दो महादेव बस एक ही वरदान आपके भक्त से ना हो पाए कभी कोई बुरा काम हर-हर महादेव
भस्म को ललाट पे लगाया करते हैं, गले में मूँड माला, साँपों का डेरा सजाया करते है, हम भक्त है उनके जो ताण्डव मचाया करते है ।
#कृपा जिनकी मेरे ऊपर, #तेवर भी उन्हीं का #वरदान है । #शान से जीना सिखाया जिसने, #महाकाल उनका नाम है ।
माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।
राम उसका रावण भी उसका, जीवन उसका मरण भी उसका, ताण्डव है और ध्यान भी वो है, अज्ञानी का ज्ञान भी वो है ।
नही पता कौन हूँ मैं और कहा मुझे जाना हैं, महादेव ही मेरी मँजिल हैं और महाकाल का दर ही मेरा ठिकाना हैं।
दे दो महादेव बस एक ही वरदान आपके भक्त से ना हो पाए कभी कोई बुरा काम हर-हर महादेव
भस्म को ललाट पे लगाया करते हैं, गले में मूँड माला, साँपों का डेरा सजाया करते है, हम भक्त है उनके जो ताण्डव मचाया करते है ।