फिदा हो जाऊँ तेरी किस-किस अदा पर शंभू, अदाये लाख तेरी, और बेताब दिल एक मेरा है । ?Jai Shiv Shambhu?
चिता भस्म से तेरा नित नित हो श्रृंगार, काल भी तेरे आगे हाथ जोड़ खड़ा लाचार।
ना पूछो मुझसे मेरी पहचान, मैं तो भस्मधारी हूँ, भस्म से होता जिनका श्रृंगार मैं उस महाकाल का पुजारी हूँ ।
झुकता नही शिव भक्त किसी के आगे, वो काल भी क्या करेगा महाकाल के आगे।
हम दुनिया? से अलग नहीं, हमारी? दुनिया ही अलग है !! ? जय श्री महाकाल
चिंता नहीं हैं काल की, बस कृपा बनी रहे मेरे महाकाल की **जय महाकाल**
फिदा हो जाऊँ तेरी किस-किस अदा पर शंभू, अदाये लाख तेरी, और बेताब दिल एक मेरा है । ?Jai Shiv Shambhu?
चिता भस्म से तेरा नित नित हो श्रृंगार, काल भी तेरे आगे हाथ जोड़ खड़ा लाचार।
ना पूछो मुझसे मेरी पहचान, मैं तो भस्मधारी हूँ, भस्म से होता जिनका श्रृंगार मैं उस महाकाल का पुजारी हूँ ।
झुकता नही शिव भक्त किसी के आगे, वो काल भी क्या करेगा महाकाल के आगे।
हम दुनिया? से अलग नहीं, हमारी? दुनिया ही अलग है !! ? जय श्री महाकाल
चिंता नहीं हैं काल की, बस कृपा बनी रहे मेरे महाकाल की **जय महाकाल**