मिलावट है भोलेनाथ तेरे इश्क में इत्र और नशे की तभी तो मैं थोड़ा महका हुआ और थोड़ा बहका हुआ हूँ ।
जिंदगी आपनें दी है , संभालोगे भी आप मेरे महाकाल, आशा नहीं, विश्वास है… हर मुश्किल से निकालोगे भी आप
नही पता कौन हूँ मैं और कहा मुझे जाना हैं, महादेव ही मेरी मँजिल हैं और महाकाल का दर ही मेरा ठिकाना हैं।
महाँकाल का नारा लगा के दुनिया मै हम छा गये दुश्मन भी छुपकर बोले वो देखो महाँकाल के भक्त आ गये? ।जय श्री महाकाल।।?
दुनिया पर किया गया भरोसा तो टूट सकता है, लेकिन दुनिया के मालिक महाकाल पर किया गया भरोसा कभी नहीं टूटता है..!
एक ही चौखट पे सर झुके तो सुकून मिलता है, भटक जाते हैं वे लोग जिनके सैकड़ो रब होते हैं ?जय श्री महाकाल?
मिलावट है भोलेनाथ तेरे इश्क में इत्र और नशे की तभी तो मैं थोड़ा महका हुआ और थोड़ा बहका हुआ हूँ ।
जिंदगी आपनें दी है , संभालोगे भी आप मेरे महाकाल, आशा नहीं, विश्वास है… हर मुश्किल से निकालोगे भी आप
नही पता कौन हूँ मैं और कहा मुझे जाना हैं, महादेव ही मेरी मँजिल हैं और महाकाल का दर ही मेरा ठिकाना हैं।
महाँकाल का नारा लगा के दुनिया मै हम छा गये दुश्मन भी छुपकर बोले वो देखो महाँकाल के भक्त आ गये? ।जय श्री महाकाल।।?
दुनिया पर किया गया भरोसा तो टूट सकता है, लेकिन दुनिया के मालिक महाकाल पर किया गया भरोसा कभी नहीं टूटता है..!
एक ही चौखट पे सर झुके तो सुकून मिलता है, भटक जाते हैं वे लोग जिनके सैकड़ो रब होते हैं ?जय श्री महाकाल?