जहां बरस रहा है मेरे महाकाल का प्यार वो दरबार भी किसी जन्नत से कम नही..!! हर-हर महादेव शिवशंकर
राम उसका रावण भी उसका, जीवन उसका मरण भी उसका, ताण्डव है और ध्यान भी वो है, अज्ञानी का ज्ञान भी वो है ।
महाकाल के भक्तों से पंगा, और भरी महेफिल में दंगा मत करना वर्ना करूँगा चौराहे पे नंगा और भेजूँगा तेरी अस्थियों को गंगा । ?Jai Shree Mahakal?
भस्म को ललाट पे लगाया करते हैं, गले में मूँड माला, साँपों का डेरा सजाया करते है, हम भक्त है उनके जो ताण्डव मचाया करते है ।
हीरे मोती और जेवरात तो सेठ लोग पहनते है हम तो भोले के भक्त है इसीलिए रुद्राक्ष पहनते है
#लोग कहते है कि मैं #बावली हूँ, पर वह क्या जाने मैं तो मेरे #महाकाल की #लाड़ली हुँ ।
जहां बरस रहा है मेरे महाकाल का प्यार वो दरबार भी किसी जन्नत से कम नही..!! हर-हर महादेव शिवशंकर
राम उसका रावण भी उसका, जीवन उसका मरण भी उसका, ताण्डव है और ध्यान भी वो है, अज्ञानी का ज्ञान भी वो है ।
महाकाल के भक्तों से पंगा, और भरी महेफिल में दंगा मत करना वर्ना करूँगा चौराहे पे नंगा और भेजूँगा तेरी अस्थियों को गंगा । ?Jai Shree Mahakal?
भस्म को ललाट पे लगाया करते हैं, गले में मूँड माला, साँपों का डेरा सजाया करते है, हम भक्त है उनके जो ताण्डव मचाया करते है ।
हीरे मोती और जेवरात तो सेठ लोग पहनते है हम तो भोले के भक्त है इसीलिए रुद्राक्ष पहनते है
#लोग कहते है कि मैं #बावली हूँ, पर वह क्या जाने मैं तो मेरे #महाकाल की #लाड़ली हुँ ।