ये कैसी घटा छाई है, हवा में नई सुर्खी आई है । फैली है जो सुगंध हवा में । जरूर महादेव ने चिलम जलाई है ।
क्या करूँगा मैं अमीर बन कर, मेरा महाकाल तो फकीरो का दीवाना है..!
हमें ढूंढना ?इतना मुश्किल नहीं है मेरे ?दोस्त, बस जिस महेफिल में महाकाल? की आवाज गूंज रही हो वहा चले आना।
एक ही चौखट पे सर झुके तो सुकून मिलता है, भटक जाते हैं वे लोग जिनके सैकड़ो रब होते हैं ?जय श्री महाकाल?
बदन मेरा मिट्टी का……… साँसे मेरी उधार है…… घमंड करो तो किस बात का! हम सब उसके ही तो किराएदार है!! ??हर हर महादेव??
हर एक पर तेरी ही छाया है, जिसे कोई ना समझे वहीं शिव माया है..! Shree Mahakal?
ये कैसी घटा छाई है, हवा में नई सुर्खी आई है । फैली है जो सुगंध हवा में । जरूर महादेव ने चिलम जलाई है ।
क्या करूँगा मैं अमीर बन कर, मेरा महाकाल तो फकीरो का दीवाना है..!
हमें ढूंढना ?इतना मुश्किल नहीं है मेरे ?दोस्त, बस जिस महेफिल में महाकाल? की आवाज गूंज रही हो वहा चले आना।
एक ही चौखट पे सर झुके तो सुकून मिलता है, भटक जाते हैं वे लोग जिनके सैकड़ो रब होते हैं ?जय श्री महाकाल?
बदन मेरा मिट्टी का……… साँसे मेरी उधार है…… घमंड करो तो किस बात का! हम सब उसके ही तो किराएदार है!! ??हर हर महादेव??
हर एक पर तेरी ही छाया है, जिसे कोई ना समझे वहीं शिव माया है..! Shree Mahakal?