कैसे कह दूँ कि मेरी हर दुआ बेअसर हो गयी, मैं जब जब भी रोया, मेरे भोलेनाथ को खबर हो गयी ।
दौलत छोड़ी, दुनिया छोड़ी, सारा खजाना छोड़ दिया, महाकाल के प्यार में दिवानों ने राज घराना छोड़ दिया ।
कर्ता करे न कर सके, शिव करे सो होय तीन लोक नौ खंड में, महाकाल से बड़ा न कोय ॐ नमः शिवाय:
मैं और मेरा भोलेनाथ दोनो ही बड़े भुलक्कड़ है, वो मेरी गलतियाँ भूल जाते है, और मैं उनकी महेरबानियाँ… ?Mahadev?
ठंड ऊनको लगैगी जिनके करमो में दाग है” हम तो भोलेनाथ के भक्त्त है भैया हमारे तो मूंह में भी आग है हर हर महादेव
माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।
कैसे कह दूँ कि मेरी हर दुआ बेअसर हो गयी, मैं जब जब भी रोया, मेरे भोलेनाथ को खबर हो गयी ।
दौलत छोड़ी, दुनिया छोड़ी, सारा खजाना छोड़ दिया, महाकाल के प्यार में दिवानों ने राज घराना छोड़ दिया ।
कर्ता करे न कर सके, शिव करे सो होय तीन लोक नौ खंड में, महाकाल से बड़ा न कोय ॐ नमः शिवाय:
मैं और मेरा भोलेनाथ दोनो ही बड़े भुलक्कड़ है, वो मेरी गलतियाँ भूल जाते है, और मैं उनकी महेरबानियाँ… ?Mahadev?
ठंड ऊनको लगैगी जिनके करमो में दाग है” हम तो भोलेनाथ के भक्त्त है भैया हमारे तो मूंह में भी आग है हर हर महादेव
माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।