स्मशान के दहकते अंगारें भी राख में तब्दील हो जाते है, जब उन्हें पता चलता है कि, हमें बाबा महाकाल की भस्मारती में शामिल होना हैं #Love_Mahakal
चिता भस्म से तेरा नित नित हो श्रृंगार, काल भी तेरे आगे हाथ जोड़ खड़ा लाचार।
तेरी चौखट पे सर रख दिया हैं, भार मेरा उठाना पड़ेगा। मैं भला हूँ बुरा हूँ मेरे महाकाल मुझको अपना बनाना पड़ेगा।
गरज उठे गगन सारा, समंदर छोड़े अपना किनारा , हिल जाये जहान सारा, जब गूंजे महाकाल का नारा ।।।
जहाँ पर आकर लोगों की नवाबी ख़त्म हो जाती है, बस वहीं से महाकाल के दीवानों की बादशाही शुरू होती है..!
लोग पूछते हैं – “कौन-सी दुनिया में जीते हो ?” हमने भी कह दिया – “महाकाल कि भक्ति में दुनिया कहा नज़र आती है ?”
स्मशान के दहकते अंगारें भी राख में तब्दील हो जाते है, जब उन्हें पता चलता है कि, हमें बाबा महाकाल की भस्मारती में शामिल होना हैं #Love_Mahakal
चिता भस्म से तेरा नित नित हो श्रृंगार, काल भी तेरे आगे हाथ जोड़ खड़ा लाचार।
तेरी चौखट पे सर रख दिया हैं, भार मेरा उठाना पड़ेगा। मैं भला हूँ बुरा हूँ मेरे महाकाल मुझको अपना बनाना पड़ेगा।
गरज उठे गगन सारा, समंदर छोड़े अपना किनारा , हिल जाये जहान सारा, जब गूंजे महाकाल का नारा ।।।
जहाँ पर आकर लोगों की नवाबी ख़त्म हो जाती है, बस वहीं से महाकाल के दीवानों की बादशाही शुरू होती है..!
लोग पूछते हैं – “कौन-सी दुनिया में जीते हो ?” हमने भी कह दिया – “महाकाल कि भक्ति में दुनिया कहा नज़र आती है ?”