नही पता कौन हूँ मैं और कहा मुझे जाना हैं, महादेव ही मेरी मँजिल हैं और महाकाल का दर ही मेरा ठिकाना हैं।
हम महादेव के दीवाने है! तान के सीना चलते है! ये महादेव का जंगल है! यहाँ शेर श्रीराम के पलते है!
लबो पर मुस्कान आँखों में तूफान यही है एक शिवभक्त की पहचान हर-हर महादेव
गुलाम नहीं है हम किसी के बाप के, शिव शम्बू भक्त है हम आपके !! हर-हर महादेव
तेरे दरबार में आकर खुशी से फूल जाता हूं, गम चाहे कैसा भी हो तेरे दरबार में भूल जाता हूं, बताने बात जो आया हूं वही बात में भूल जाता हूं, तुझे देख कर खुशी इतनी मिलती है कि मांगना भूल जाता हूं!! #हर हर महादेव
जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.
नही पता कौन हूँ मैं और कहा मुझे जाना हैं, महादेव ही मेरी मँजिल हैं और महाकाल का दर ही मेरा ठिकाना हैं।
हम महादेव के दीवाने है! तान के सीना चलते है! ये महादेव का जंगल है! यहाँ शेर श्रीराम के पलते है!
लबो पर मुस्कान आँखों में तूफान यही है एक शिवभक्त की पहचान हर-हर महादेव
गुलाम नहीं है हम किसी के बाप के, शिव शम्बू भक्त है हम आपके !! हर-हर महादेव
तेरे दरबार में आकर खुशी से फूल जाता हूं, गम चाहे कैसा भी हो तेरे दरबार में भूल जाता हूं, बताने बात जो आया हूं वही बात में भूल जाता हूं, तुझे देख कर खुशी इतनी मिलती है कि मांगना भूल जाता हूं!! #हर हर महादेव
जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.