करूँ क्यों फ़िक्र कि मौत के बाद जगह कहाँ मिलेगी जहाँ होगी मेरे महादेव की महफिल मेरी रूह वहाँ मिलेगी.
ये कैसी घटा छाई है, हवा में नई सुर्खी आई है । फैली है जो सुगंध हवा में । जरूर महादेव ने चिलम जलाई है ।
फिदा हो जाऊँ.. तेरी किस-किस अदा पर महाकाल अदायें लाख तेरी, बेताब दिल एक हें मेरा.
दौलत छोड़ी, दुनिया छोड़ी, सारा खजाना छोड़ दिया, महाकाल के प्यार में दिवानों ने राज घराना छोड़ दिया ।
छल में बेशक बल है लेकिन मेरे महाकाल के पास सबका हल है
कोई दौलत का दीवाना कोई शोहरत का दीवाना? शीशे सा मेरा दिल मैं तो सिर्फ महादेव का दीवाना हर हर महादेव ?
करूँ क्यों फ़िक्र कि मौत के बाद जगह कहाँ मिलेगी जहाँ होगी मेरे महादेव की महफिल मेरी रूह वहाँ मिलेगी.
ये कैसी घटा छाई है, हवा में नई सुर्खी आई है । फैली है जो सुगंध हवा में । जरूर महादेव ने चिलम जलाई है ।
फिदा हो जाऊँ.. तेरी किस-किस अदा पर महाकाल अदायें लाख तेरी, बेताब दिल एक हें मेरा.
दौलत छोड़ी, दुनिया छोड़ी, सारा खजाना छोड़ दिया, महाकाल के प्यार में दिवानों ने राज घराना छोड़ दिया ।
छल में बेशक बल है लेकिन मेरे महाकाल के पास सबका हल है
कोई दौलत का दीवाना कोई शोहरत का दीवाना? शीशे सा मेरा दिल मैं तो सिर्फ महादेव का दीवाना हर हर महादेव ?