रिश्ते पेडो की तरह होते है....उन्हे सवारों तो,,"बुढ़ापे" में छाँव देते है ॥

रिश्ते पेडो की तरह होते है....उन्हे सवारों तो,,"बुढ़ापे" में छाँव देते है ॥

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“अगर प्यार है तो शक़ कैसा …अगर नहीं है तो हक़ कैसा

जब मेरे पास कोई नही था..तब मेरा साथ निभाने का शुक्रिया

इश्क़ वो नहीं जो तुझे मेरा कर दे.... इश्क़ वो है जो तुझे किसी और का ना होने दे

ग़ालिब ने खूब कहा है - ऐ चाँद तू किस मज़हब का है, ईद भी तेरी और करवाचौथ भी तेरा

जिंदगी में मेरी हंसी का राज तुम हो. मेरी हर ख़ुशी का नाम तुम हो. कर लूंगा में ज़माने से तुम्हारे लिए शिकवा. ज़माने की शिकवा का एहसास तुम हो

मेरे दिल से उसकी हर गलती माफ़ हो जाती है, जब वो मुस्कुरा के पूछती है, नाराज हो क्या.?

“अगर प्यार है तो शक़ कैसा …अगर नहीं है तो हक़ कैसा

जब मेरे पास कोई नही था..तब मेरा साथ निभाने का शुक्रिया

इश्क़ वो नहीं जो तुझे मेरा कर दे.... इश्क़ वो है जो तुझे किसी और का ना होने दे

ग़ालिब ने खूब कहा है - ऐ चाँद तू किस मज़हब का है, ईद भी तेरी और करवाचौथ भी तेरा

जिंदगी में मेरी हंसी का राज तुम हो. मेरी हर ख़ुशी का नाम तुम हो. कर लूंगा में ज़माने से तुम्हारे लिए शिकवा. ज़माने की शिकवा का एहसास तुम हो

मेरे दिल से उसकी हर गलती माफ़ हो जाती है, जब वो मुस्कुरा के पूछती है, नाराज हो क्या.?