रिश्ते पेडो की तरह होते है....उन्हे सवारों तो,,"बुढ़ापे" में छाँव देते है ॥

रिश्ते पेडो की तरह होते है....उन्हे सवारों तो,,"बुढ़ापे" में छाँव देते है ॥

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ना चाँद चाहिए ना फलक चाहिए, मुझे बस तेरी एक झलक चाहिए

मेरी मुस्कान के लिये काफ़ी है याद तेरी

जानते हो मोहब्बत किसे कहते हैं किसी को दिल से चाहना उसे हार जाना और फिर खामोश रहना

प्यार भी कितना अजीब होता है न, वो चाहे कितनी भी तकलीफ दे पर सुकून उसी के पास मिलता है

कितना प्यार करते है तुमसे ये कहा नहीं जाता, बस इतना जानते है बिना तुम्हारे रहा नहीं जाता

ज़िन्दगी के हर मोड़ पर तुम साथ रहना, चाहे दूर रहो पर हमेशा दिल के पास रहना

ना चाँद चाहिए ना फलक चाहिए, मुझे बस तेरी एक झलक चाहिए

मेरी मुस्कान के लिये काफ़ी है याद तेरी

जानते हो मोहब्बत किसे कहते हैं किसी को दिल से चाहना उसे हार जाना और फिर खामोश रहना

प्यार भी कितना अजीब होता है न, वो चाहे कितनी भी तकलीफ दे पर सुकून उसी के पास मिलता है

कितना प्यार करते है तुमसे ये कहा नहीं जाता, बस इतना जानते है बिना तुम्हारे रहा नहीं जाता

ज़िन्दगी के हर मोड़ पर तुम साथ रहना, चाहे दूर रहो पर हमेशा दिल के पास रहना