नजर चाहती है दीदार करना, दिल चाहता है तुम्हें प्यार करना...
मोहब्बत भी ठंड जैसी है, लग जाये तो बीमार कर देती है
तुम्हारे लिए मैने कुछ खास लिखा है। दूर कब तक रहोगे मुझसे खुदा ने किस्मत में मेरी तुम्हें मेरे पास लिखा हैं।।
लापता होकर निकले थे मोहबत में तेरी, हमें कया पता था मशहूर हो जाएंगे
प्यार की गहरायी की सीमा तब पता चलती है, जब बिछुड़ने का समय होता है
ना चाँद चाहिए ना फलक चाहिए, मुझे बस तेरी एक झलक चाहिए
नजर चाहती है दीदार करना, दिल चाहता है तुम्हें प्यार करना...
मोहब्बत भी ठंड जैसी है, लग जाये तो बीमार कर देती है
तुम्हारे लिए मैने कुछ खास लिखा है। दूर कब तक रहोगे मुझसे खुदा ने किस्मत में मेरी तुम्हें मेरे पास लिखा हैं।।
लापता होकर निकले थे मोहबत में तेरी, हमें कया पता था मशहूर हो जाएंगे
प्यार की गहरायी की सीमा तब पता चलती है, जब बिछुड़ने का समय होता है
ना चाँद चाहिए ना फलक चाहिए, मुझे बस तेरी एक झलक चाहिए