इन आंखों की गुस्ताखी तो देखिए, तुम से आंखें मिलाने के बाद कुछ और देखने को राजी ही नहीं .
मुझे समझना है तो बस अपना समझ लेना क्यूकि हम अपनों का साथ खुद से ज्यादा निभाते हैं
हज़ारो मैं मुझे सिर्फ़ एक वो शख्स चाहिये ,, जो मेरी ग़ैर मौजूदगी मैं, मेरी बुराई ना सुन सके
आँखो की चमक पलकों की शान हो तुम, चेहरे की हँसी लबों की मुस्कान हो तुम, धड़कता है दिल बस तुम्हारी आरज़ू मे, फिर कैसे ना कहूँ मेरी जान हो तुम..
*सच्चा रिश्ता एक अच्छी पुस्तक जैसा होता है, कितना भी पुरानी हो जाए, फिर भी शब्द नहीं बदलते।*
प्यार वही हैं ... जो दूर रहकर भी महसूस होता हैं
इन आंखों की गुस्ताखी तो देखिए, तुम से आंखें मिलाने के बाद कुछ और देखने को राजी ही नहीं .
मुझे समझना है तो बस अपना समझ लेना क्यूकि हम अपनों का साथ खुद से ज्यादा निभाते हैं
हज़ारो मैं मुझे सिर्फ़ एक वो शख्स चाहिये ,, जो मेरी ग़ैर मौजूदगी मैं, मेरी बुराई ना सुन सके
आँखो की चमक पलकों की शान हो तुम, चेहरे की हँसी लबों की मुस्कान हो तुम, धड़कता है दिल बस तुम्हारी आरज़ू मे, फिर कैसे ना कहूँ मेरी जान हो तुम..
*सच्चा रिश्ता एक अच्छी पुस्तक जैसा होता है, कितना भी पुरानी हो जाए, फिर भी शब्द नहीं बदलते।*
प्यार वही हैं ... जो दूर रहकर भी महसूस होता हैं