खुशिया मांगी थी मैंने खुदा से अपने लिया और देखो न मुझे तुम मिल गए
रिश्ते पेडो की तरह होते है....उन्हे सवारों तो,,"बुढ़ापे" में छाँव देते है ॥
कुछ तो सोचा होगा किस्मत ने तेरे मेरे बारे मैं, वरना इतनी बड़ी दुनिया में तुमसे ही मोहब्बत क्यों हुई
तुम दूर होकर ♥️ भी इतने अच्छे लगते हो, ना जाने पास होते तो कितने अच्छे लगते। ?
कोई भी दीवारें मुझे तुमसे मिलने से ना रोक पाती, अगर तू मेरे साथ होती तो
काश मोहब्बत में भी चुनाव होते, गजब का भाषण देते तुम्हें पाने के लिए.
खुशिया मांगी थी मैंने खुदा से अपने लिया और देखो न मुझे तुम मिल गए
रिश्ते पेडो की तरह होते है....उन्हे सवारों तो,,"बुढ़ापे" में छाँव देते है ॥
कुछ तो सोचा होगा किस्मत ने तेरे मेरे बारे मैं, वरना इतनी बड़ी दुनिया में तुमसे ही मोहब्बत क्यों हुई
तुम दूर होकर ♥️ भी इतने अच्छे लगते हो, ना जाने पास होते तो कितने अच्छे लगते। ?
कोई भी दीवारें मुझे तुमसे मिलने से ना रोक पाती, अगर तू मेरे साथ होती तो
काश मोहब्बत में भी चुनाव होते, गजब का भाषण देते तुम्हें पाने के लिए.