हम बात ख़त्म नहीं करते कहानी ख़त्म करते हैं

हम बात ख़त्म नहीं करते कहानी ख़त्म करते हैं

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दिल की ख़ामोशी पर मत जाओ, राख के नीचे आग दबी होती है ..

हक़ से दो तो तेरी नफरत भी कुबूल है हमें, खैरात में तो हम तुम्हारी मोहब्बत भी न लें

नाम की दोस्ती काम की यारी दूसरों की तरह ये आदत नहीं हमारी

घायल हु पर याद रखना घायल शेर की साँसे उसकी दहाड़ से भी ज़ादा खतरनाक होती है

साथ चलता है मेरे दुआओ का काफिला, किस्मत से कह दो अकेला नही हुँ मै ||

ताकत अपने लफ्जों में डालो आवाज़ में नहीं क्योंकि फसलें बारिश से उगती है बाड़ से नहीं

दिल की ख़ामोशी पर मत जाओ, राख के नीचे आग दबी होती है ..

हक़ से दो तो तेरी नफरत भी कुबूल है हमें, खैरात में तो हम तुम्हारी मोहब्बत भी न लें

नाम की दोस्ती काम की यारी दूसरों की तरह ये आदत नहीं हमारी

घायल हु पर याद रखना घायल शेर की साँसे उसकी दहाड़ से भी ज़ादा खतरनाक होती है

साथ चलता है मेरे दुआओ का काफिला, किस्मत से कह दो अकेला नही हुँ मै ||

ताकत अपने लफ्जों में डालो आवाज़ में नहीं क्योंकि फसलें बारिश से उगती है बाड़ से नहीं