अगर मुझे समझना चाहते हो तो, ? बस दिल से अपना समझो.....

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बहुत गौर से देखने पर जिंदगी को जाना मैंने...दिल से बड़ा दुश्मन पूरे जमाने में नहीं है

कितना प्यार करते है तुमसे ये कहा नहीं जाता, बस इतना जानते है बिना तुम्हारे रहा नहीं जाता

उससे बढ़कर मेरी खुशी क्या है, तुम सलामत रहो कमी क्या है,

वो ना ही मिलते तो अच्छा था… बेकार में मोहब्बत से नफ़रत हो गई…

ऐ मोहब्बत तुझे पाने की कोई राह नहीं, शायद तू सिर्फ उसे ही मिलती है जिसे तेरी परवाह नही

मुझसे जब भी मिलो तो नज़रें उठा के मिला करो, मुझे पसंद है अपने आप को तेरी आँखों में देखना

बहुत गौर से देखने पर जिंदगी को जाना मैंने...दिल से बड़ा दुश्मन पूरे जमाने में नहीं है

कितना प्यार करते है तुमसे ये कहा नहीं जाता, बस इतना जानते है बिना तुम्हारे रहा नहीं जाता

उससे बढ़कर मेरी खुशी क्या है, तुम सलामत रहो कमी क्या है,

वो ना ही मिलते तो अच्छा था… बेकार में मोहब्बत से नफ़रत हो गई…

ऐ मोहब्बत तुझे पाने की कोई राह नहीं, शायद तू सिर्फ उसे ही मिलती है जिसे तेरी परवाह नही

मुझसे जब भी मिलो तो नज़रें उठा के मिला करो, मुझे पसंद है अपने आप को तेरी आँखों में देखना