बस यूं ही थम के रहे गया कारवां दिल का, हम कहे नहीं पाए उन ने सुनना नहीं चाहा!

बस यूं ही थम के रहे गया कारवां दिल का, हम कहे नहीं पाए उन ने सुनना नहीं चाहा!

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मुझसे जब भी मिलो तो नज़रें उठा के मिला करो, मुझे पसंद है अपने आप को तेरी आँखों में देखना

मोहब्बत तो एक तरफा होती है.... जो हो दो तरफा तो....उसे नसीब कहते है....!!

जिनकी संगत मैं ख़ामोश संवाद होते है, अक्सर वो रिश्ते बहुत ही ख़ास होते हैं।

उदास नहीं होना, क्योंकि मैं साथ हूँ, सामने न सही पर आस-पास हूँ, पल्को को बंद कर जब भी दिल में देखोगे, मैं हर पल तुम्हारे साथ हूँ

हर पल बस फिकर सी होती है जब मोहब्बत किसी सी बेपनाह होती है

सच्चे इश्क में अल्फाज़ से ज्यादा एहसास की एहमियत होती है

मुझसे जब भी मिलो तो नज़रें उठा के मिला करो, मुझे पसंद है अपने आप को तेरी आँखों में देखना

मोहब्बत तो एक तरफा होती है.... जो हो दो तरफा तो....उसे नसीब कहते है....!!

जिनकी संगत मैं ख़ामोश संवाद होते है, अक्सर वो रिश्ते बहुत ही ख़ास होते हैं।

उदास नहीं होना, क्योंकि मैं साथ हूँ, सामने न सही पर आस-पास हूँ, पल्को को बंद कर जब भी दिल में देखोगे, मैं हर पल तुम्हारे साथ हूँ

हर पल बस फिकर सी होती है जब मोहब्बत किसी सी बेपनाह होती है

सच्चे इश्क में अल्फाज़ से ज्यादा एहसास की एहमियत होती है