क्या ऐसा नहीं हो सकता हम प्यार मांगे… और तुम गले लगा के कहो, “और कुछ?”

क्या ऐसा नहीं हो सकता हम प्यार मांगे… और तुम गले लगा के कहो, “और कुछ?”

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दिल मेरा कूछ टूटा हुआ सा है, उससे कूछ रुठा हुआ सा है

प्यार की गहरायी की सीमा तब पता चलती है, जब बिछुड़ने का समय होता है

तुम्हें देखना और देखते रहना बड़ा अच्छा लगता है

तू इतना प्यार कर जितना तू सह सके, बिछड़ना भी पड़े तो ज़िंदा रह सके

तुम होते कौन हो मुझसे बिछड़ने वाले ?

किसी को भी नहीं चाहा मेने एक तुझे चाहने के बाद

दिल मेरा कूछ टूटा हुआ सा है, उससे कूछ रुठा हुआ सा है

प्यार की गहरायी की सीमा तब पता चलती है, जब बिछुड़ने का समय होता है

तुम्हें देखना और देखते रहना बड़ा अच्छा लगता है

तू इतना प्यार कर जितना तू सह सके, बिछड़ना भी पड़े तो ज़िंदा रह सके

तुम होते कौन हो मुझसे बिछड़ने वाले ?

किसी को भी नहीं चाहा मेने एक तुझे चाहने के बाद