तुम मेरी वो किताब हो, जिसका हर लफ्ज़ मुझे ज़बानी याद है

तुम मेरी वो किताब हो, जिसका हर लफ्ज़ मुझे ज़बानी याद है

Share:

More Like This

खुद ही दे जाओगे तो बेहतर है..!वरना हम दिल चुरा भी लेते हैं..!

रिश्ते पेडो की तरह होते है....उन्हे सवारों तो,,"बुढ़ापे" में छाँव देते है ॥

तुम होते कौन हो मुझसे बिछड़ने वाले ?

मत पूछ मेरे जागने की वजह, ए चाँद तेरा ही हमशक्ल है जो मुझे सोने नही देता....?

बिन कहें मेैं समझ जाउ, वो अहसांस हो तुम

प्यार वो नहीं है जो दुनिया को दिखाया जाये बल्कि वो है जो दिल से निभाया जाए

खुद ही दे जाओगे तो बेहतर है..!वरना हम दिल चुरा भी लेते हैं..!

रिश्ते पेडो की तरह होते है....उन्हे सवारों तो,,"बुढ़ापे" में छाँव देते है ॥

तुम होते कौन हो मुझसे बिछड़ने वाले ?

मत पूछ मेरे जागने की वजह, ए चाँद तेरा ही हमशक्ल है जो मुझे सोने नही देता....?

बिन कहें मेैं समझ जाउ, वो अहसांस हो तुम

प्यार वो नहीं है जो दुनिया को दिखाया जाये बल्कि वो है जो दिल से निभाया जाए