भर्री महफ़िल में दोस्ती का ज़िकर हुआ, हमने तो सिर्फ आपकी और देखा और लोग वाह वाह कहने लगे
जब मेरे पास कोई नही था..तब मेरा साथ निभाने का शुक्रिया
तुम दूर होकर ♥️ भी इतने अच्छे लगते हो, ना जाने पास होते तो कितने अच्छे लगते। ?
तुमने ना सुनी धडकन हमारी पर हमने महसूस की सांस तुम्हारी
क्या खबर थी की मुहब्बत हो जायेगी। हमें तो सिर्फ उनका मुस्कुराना अच्छा लगा था |
कुछ इस तरह से….नाराज हैं वो हमसे, जैसे उन्हें, किसी और ने…मना लिया हो..!
भर्री महफ़िल में दोस्ती का ज़िकर हुआ, हमने तो सिर्फ आपकी और देखा और लोग वाह वाह कहने लगे
जब मेरे पास कोई नही था..तब मेरा साथ निभाने का शुक्रिया
तुम दूर होकर ♥️ भी इतने अच्छे लगते हो, ना जाने पास होते तो कितने अच्छे लगते। ?
तुमने ना सुनी धडकन हमारी पर हमने महसूस की सांस तुम्हारी
क्या खबर थी की मुहब्बत हो जायेगी। हमें तो सिर्फ उनका मुस्कुराना अच्छा लगा था |
कुछ इस तरह से….नाराज हैं वो हमसे, जैसे उन्हें, किसी और ने…मना लिया हो..!