मेरी आत्मकथा.... सिर्फ तुम्हारी कहानी है....

मेरी आत्मकथा.... सिर्फ तुम्हारी कहानी है....

Share:

More Like This

वो नकाब लगा कर खुद को इश्क से महफूज समझते रहे; नादां इतना भी नहीं समझते कि इश्क चेहरे से नहीं आँखों से शुरू होता है

मोहब्बत ज़िंदगी बदल देती है, मिल जाए तो भी ना मिले तो भी

जानते हो मोहब्बत किसे कहते हैं किसी को दिल से चाहना उसे हार जाना और फिर खामोश रहना

रात के अंधेरे मे तो हर कोई किसी को याद कर लेता है सुबह उठते ही जिसकी याद आए मोहब्बत उसको कहते है

काश ये दिल बेजान होता, ना किसी के आने से धडकता ना किसी के जाने पर तडपता

लोग आज कल मेरी ख़ुशी का राज़ पूछते है, इजाज़त हो तो तुम्हारा नाम बता दू

वो नकाब लगा कर खुद को इश्क से महफूज समझते रहे; नादां इतना भी नहीं समझते कि इश्क चेहरे से नहीं आँखों से शुरू होता है

मोहब्बत ज़िंदगी बदल देती है, मिल जाए तो भी ना मिले तो भी

जानते हो मोहब्बत किसे कहते हैं किसी को दिल से चाहना उसे हार जाना और फिर खामोश रहना

रात के अंधेरे मे तो हर कोई किसी को याद कर लेता है सुबह उठते ही जिसकी याद आए मोहब्बत उसको कहते है

काश ये दिल बेजान होता, ना किसी के आने से धडकता ना किसी के जाने पर तडपता

लोग आज कल मेरी ख़ुशी का राज़ पूछते है, इजाज़त हो तो तुम्हारा नाम बता दू