तू करे ना करे..... मेरा इश़्क काफ़ी है... हम दोनों के लिये

तू करे ना करे..... मेरा इश़्क काफ़ी है... हम दोनों के लिये

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लिख दू तो लफ्ज़ तुम हो, सोच लू तो ख्याल तुम हो, मांग लू तो मन्नत तुम हो, और चाह लू तो मोहोब्बत भी तुम ही हो

अपनापन छलके जिस की बातों में .. सिर्फ़ कुछ ही बंदे होते है लाखों में

कमाल हैं ना ...? सांसे मेरी जिंदगी मेरी मोहब्बत मेरी, मगर जीने के लिये जरूरत तेरी

"बेबस कर दिया है, तूने अपने बस में करके......."

कहेते है इश्क ऐक गुनाह है जिसकी शरुआत दो बेगुनाहो से होती है.

मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे,अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती

लिख दू तो लफ्ज़ तुम हो, सोच लू तो ख्याल तुम हो, मांग लू तो मन्नत तुम हो, और चाह लू तो मोहोब्बत भी तुम ही हो

अपनापन छलके जिस की बातों में .. सिर्फ़ कुछ ही बंदे होते है लाखों में

कमाल हैं ना ...? सांसे मेरी जिंदगी मेरी मोहब्बत मेरी, मगर जीने के लिये जरूरत तेरी

"बेबस कर दिया है, तूने अपने बस में करके......."

कहेते है इश्क ऐक गुनाह है जिसकी शरुआत दो बेगुनाहो से होती है.

मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे,अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती