तू करे ना करे..... मेरा इश़्क काफ़ी है... हम दोनों के लिये

तू करे ना करे..... मेरा इश़्क काफ़ी है... हम दोनों के लिये

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मेरे इस दिल को तुम ही रख लो ना बड़ी फ़िक्र रहती है इसे तुम्हारी

भर्री महफ़िल में दोस्ती का ज़िकर हुआ, हमने तो सिर्फ आपकी और देखा और लोग वाह वाह कहने लगे

अपनापन छलके जिस की बातों में .. सिर्फ़ कुछ ही बंदे होते है लाखों में

मेरी जिंदगी मे खुशियाँ तेरे बहाने से है, आधी तुझे सताने से है आधी तुझे मनाने से है

तुम हर तरह से मेरे लिए ख़ास हो, शुक्रिया वो बनने के लिए जो तुम हो

सफर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो, नजर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो, हजारों फूल देखे हैं इस गुलशन में मगर, खुशबू वहीं तक है जहाँ तक तुम हो।

मेरे इस दिल को तुम ही रख लो ना बड़ी फ़िक्र रहती है इसे तुम्हारी

भर्री महफ़िल में दोस्ती का ज़िकर हुआ, हमने तो सिर्फ आपकी और देखा और लोग वाह वाह कहने लगे

अपनापन छलके जिस की बातों में .. सिर्फ़ कुछ ही बंदे होते है लाखों में

मेरी जिंदगी मे खुशियाँ तेरे बहाने से है, आधी तुझे सताने से है आधी तुझे मनाने से है

तुम हर तरह से मेरे लिए ख़ास हो, शुक्रिया वो बनने के लिए जो तुम हो

सफर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो, नजर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो, हजारों फूल देखे हैं इस गुलशन में मगर, खुशबू वहीं तक है जहाँ तक तुम हो।