वो नकाब लगा कर खुद को इश्क से महफूज समझते रहे; नादां इतना भी नहीं समझते कि इश्क चेहरे से नहीं आँखों से शुरू होता है
ये दिल भी कितना पागल है हमेशा उसी की फिकर मे डुबा रहता है जो इसका होता ही नही है !
इश्क न हुआ कोहरा हो जैसे....तुम्हारे सिवा कुछ दिखता ही नहीं....
ज़िन्दगी के हर मोड़ पर तुम साथ रहना, चाहे दूर रहो पर हमेशा दिल के पास रहना
बिन कहें मेैं समझ जाउ, वो अहसांस हो तुम
तू करे ना करे..... मेरा इश़्क काफ़ी है... हम दोनों के लिये
वो नकाब लगा कर खुद को इश्क से महफूज समझते रहे; नादां इतना भी नहीं समझते कि इश्क चेहरे से नहीं आँखों से शुरू होता है
ये दिल भी कितना पागल है हमेशा उसी की फिकर मे डुबा रहता है जो इसका होता ही नही है !
इश्क न हुआ कोहरा हो जैसे....तुम्हारे सिवा कुछ दिखता ही नहीं....
ज़िन्दगी के हर मोड़ पर तुम साथ रहना, चाहे दूर रहो पर हमेशा दिल के पास रहना
बिन कहें मेैं समझ जाउ, वो अहसांस हो तुम
तू करे ना करे..... मेरा इश़्क काफ़ी है... हम दोनों के लिये