जब तुम पास होते हो तब दिल चाहता है की वक़्त रुक जाए.... ?❤
उस शाम तुमने मुड़कर मुझे देखा जब, यूँ लगा जैसे हर दुआ कुबूल हो गयी
क्या खबर थी की मुहब्बत हो जायेगी। हमें तो सिर्फ उनका मुस्कुराना अच्छा लगा था |
रात के अंधेरे मे तो हर कोई किसी को याद कर लेता है सुबह उठते ही जिसकी याद आए मोहब्बत उसको कहते है
मोहब्बत भी ठंड जैसी है, लग जाये तो बीमार कर देती है
इतना प्यार तो मैंने खुद से भी नहीं किया, जितना तुमसे हो गया है |
जब तुम पास होते हो तब दिल चाहता है की वक़्त रुक जाए.... ?❤
उस शाम तुमने मुड़कर मुझे देखा जब, यूँ लगा जैसे हर दुआ कुबूल हो गयी
क्या खबर थी की मुहब्बत हो जायेगी। हमें तो सिर्फ उनका मुस्कुराना अच्छा लगा था |
रात के अंधेरे मे तो हर कोई किसी को याद कर लेता है सुबह उठते ही जिसकी याद आए मोहब्बत उसको कहते है
मोहब्बत भी ठंड जैसी है, लग जाये तो बीमार कर देती है
इतना प्यार तो मैंने खुद से भी नहीं किया, जितना तुमसे हो गया है |