देश भक्तों को अक्सर लोग पागल कहते हैं! कह दो उन्हें… सीने पर जो जख्म हैं, सब फूलों के गुच्छे हैं, हमें पागल ही रहने दो, हम पागल ही अच्छे हैं!
आजादी की कभी शाम ना होने देंगे शहीदों की कुर्बानी बदनाम ना होने देंगे बची है जो 1 भी बूंद लहू की तब तक भारत का आँचल नीलाम ना होने देंगे
आजादी मिलती नहीं है बल्कि इसे छीनना पड़ता है सुभाष चंद्र बोस
लहराएगा तिरंगा अब सारे आसमान पर भारत का ही नाम होगा सबकी जुबान पर ले लेंगे उसकी जान या खेलेंगे अपनी जान पर कोई जो उठाएगा आँख हिंदुस्तान पर..
चलो फिर से आज वो नजारा याद कर लें शहीदों के दिल में थी वो ज्वाला याद कर लें जिसमें बहकर आजादी पहुंची थी किनारे देश भक्तों के खून की वो धारा याद कर लें
वो ज़िन्दगी ही क्या जिसमे देशभक्ति ना हो। और वो मौत ही क्या जो तिरंगे में ना लिपटी हो..
देश भक्तों को अक्सर लोग पागल कहते हैं! कह दो उन्हें… सीने पर जो जख्म हैं, सब फूलों के गुच्छे हैं, हमें पागल ही रहने दो, हम पागल ही अच्छे हैं!
आजादी की कभी शाम ना होने देंगे शहीदों की कुर्बानी बदनाम ना होने देंगे बची है जो 1 भी बूंद लहू की तब तक भारत का आँचल नीलाम ना होने देंगे
आजादी मिलती नहीं है बल्कि इसे छीनना पड़ता है सुभाष चंद्र बोस
लहराएगा तिरंगा अब सारे आसमान पर भारत का ही नाम होगा सबकी जुबान पर ले लेंगे उसकी जान या खेलेंगे अपनी जान पर कोई जो उठाएगा आँख हिंदुस्तान पर..
चलो फिर से आज वो नजारा याद कर लें शहीदों के दिल में थी वो ज्वाला याद कर लें जिसमें बहकर आजादी पहुंची थी किनारे देश भक्तों के खून की वो धारा याद कर लें
वो ज़िन्दगी ही क्या जिसमे देशभक्ति ना हो। और वो मौत ही क्या जो तिरंगे में ना लिपटी हो..