भारत की फ़जाओं को सदा याद रहूँगा, आज़ाद था, आज़ाद हूँ, आज़ाद रहूँगा।
वतन की सर बुलंदी के लिए ये दिल क्या ख़ुशी ख़ुशी मिट जाए ये जिस्म भी हमारा…
कहते हैं अलविदा हम अब इस जहान को, जा कर ख़ुदा के घर से अब आया न जाएगा, हमने लगाई आग हैं जो इंकलाब की, इस आग को किसी से बुझाया ना जाएगा..
भारत का वीर जवान हूँ मैं, ना हिन्दू, ना मुसलमान हूँ मैं, जख्मो से भरा सीना हैं मगर, दुश्मन के लिए चट्टान हूँ मैं, भारत का वीर जवान हूँ मैं ||
लड़ें वो वीर जवानों की तरह, ठंडा खून फ़ौलाद हुआ, मरते-मरते भी मार गिराए, तभी तो देश आज़ाद हुआ…
तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूँगा
भारत की फ़जाओं को सदा याद रहूँगा, आज़ाद था, आज़ाद हूँ, आज़ाद रहूँगा।
वतन की सर बुलंदी के लिए ये दिल क्या ख़ुशी ख़ुशी मिट जाए ये जिस्म भी हमारा…
कहते हैं अलविदा हम अब इस जहान को, जा कर ख़ुदा के घर से अब आया न जाएगा, हमने लगाई आग हैं जो इंकलाब की, इस आग को किसी से बुझाया ना जाएगा..
भारत का वीर जवान हूँ मैं, ना हिन्दू, ना मुसलमान हूँ मैं, जख्मो से भरा सीना हैं मगर, दुश्मन के लिए चट्टान हूँ मैं, भारत का वीर जवान हूँ मैं ||
लड़ें वो वीर जवानों की तरह, ठंडा खून फ़ौलाद हुआ, मरते-मरते भी मार गिराए, तभी तो देश आज़ाद हुआ…
तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूँगा