आजादी मिलती नहीं है बल्कि इसे छीनना पड़ता है सुभाष चंद्र बोस

आजादी मिलती नहीं है बल्कि इसे छीनना पड़ता है सुभाष चंद्र बोस

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दे सलामी इस तिरंगे को जिस से तेरी शान हैं, सर हमेशा ऊँचा रखना इसका जब तक दिल में जान हैं..!!

मरने के बाद भी जिसके नाम मे जान हैं, ऐसे जाबाज़ सैनिक हमारे भारत की शान है।

मझहब नही सीखाता आपस मे बैर रखना हिन्दी हैं हम वतन है हिन्दोस्तान हमारा

किसी भी कीमत पर स्वतंत्रता का मोल नहीं किया जा सकता| वह जीवन है| भला जीने के लिए कोई क्या मोल नहीं चुकाएगा? –

महात्मा गाँधी

ना पूछो ज़माने को, क्या हमारी कहानी हैं हमारी पहचान तो सिर्फ ये हैं की हम सिर्फ हिंदुस्तानी हैं…!!

कभी ठंड में ठिठुर कर देख लेना, कभी तपती धूप में जल के देख लेना, कैसे होती हैं हिफ़ाजत मुल्क की, कभी सरहद पर चल के देख लेना…

दे सलामी इस तिरंगे को जिस से तेरी शान हैं, सर हमेशा ऊँचा रखना इसका जब तक दिल में जान हैं..!!

मरने के बाद भी जिसके नाम मे जान हैं, ऐसे जाबाज़ सैनिक हमारे भारत की शान है।

मझहब नही सीखाता आपस मे बैर रखना हिन्दी हैं हम वतन है हिन्दोस्तान हमारा

किसी भी कीमत पर स्वतंत्रता का मोल नहीं किया जा सकता| वह जीवन है| भला जीने के लिए कोई क्या मोल नहीं चुकाएगा? –

महात्मा गाँधी

ना पूछो ज़माने को, क्या हमारी कहानी हैं हमारी पहचान तो सिर्फ ये हैं की हम सिर्फ हिंदुस्तानी हैं…!!

कभी ठंड में ठिठुर कर देख लेना, कभी तपती धूप में जल के देख लेना, कैसे होती हैं हिफ़ाजत मुल्क की, कभी सरहद पर चल के देख लेना…