वो ना ही मिलते तो अच्छा था… बेकार में मोहब्बत से नफ़रत हो गई…
प्यार का रिश्ता भी कितना अजीब होता है। मिल जाये तो बातें लंबी और बिछड़ जायें तो यादें लंबी
आँखो की चमक पलकों की शान हो तुम, चेहरे की हँसी लबों की मुस्कान हो तुम, धड़कता है दिल बस तुम्हारी आरज़ू मे, फिर कैसे ना कहूँ मेरी जान हो तुम..
ये जो तुम कहते रहते हो न की खुश रहा करो तो फिर सुन लो हमेशा मेरे पास रहा करो
रहा नहीं जाता आपके दीदार के बिना ज़िन्दगी अधूरी है मेरी आपके प्यार क बिना
वो ज़िंदगी ही क्या जिसमे मोहब्बत नही, वो मोहबत ही क्या जिसमे यादें नही, वो यादें क्या जिसमे तुम नही, और वो तुम ही क्या जिसके साथ हम नही!!
वो ना ही मिलते तो अच्छा था… बेकार में मोहब्बत से नफ़रत हो गई…
प्यार का रिश्ता भी कितना अजीब होता है। मिल जाये तो बातें लंबी और बिछड़ जायें तो यादें लंबी
आँखो की चमक पलकों की शान हो तुम, चेहरे की हँसी लबों की मुस्कान हो तुम, धड़कता है दिल बस तुम्हारी आरज़ू मे, फिर कैसे ना कहूँ मेरी जान हो तुम..
ये जो तुम कहते रहते हो न की खुश रहा करो तो फिर सुन लो हमेशा मेरे पास रहा करो
रहा नहीं जाता आपके दीदार के बिना ज़िन्दगी अधूरी है मेरी आपके प्यार क बिना
वो ज़िंदगी ही क्या जिसमे मोहब्बत नही, वो मोहबत ही क्या जिसमे यादें नही, वो यादें क्या जिसमे तुम नही, और वो तुम ही क्या जिसके साथ हम नही!!