यूनान-ओ-मिस्र-ओ रोमा सब मिट गए जहाँ से। अबतक मगर है बाकि नाम-ओ-निशाँ हमारा। कुछ बात है की हस्ती मिटती नहीं हमारी, सदियों से रहा है दुश्मन दौर-ए-जहाँ हमारा। सारे जहा से अच्छा हिन्दूस्तान हमारा हमारा..
जिन की पत्नी वेकेशन करने मायके चली गई है, वो स्टेटस पर तिरंगा लगा कर अपनी आज़ादी का ऐलान कर सकते हैं।
हम लहरायेंगे हर जगह ये तिरंगा नशा ये हिन्दुस्तान की शान का हैं !!
अपनी आजादी को हम हरगिज मिटा सकते नहीं सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नहीं
है नमन उनको, जो यशकाय को अमरत्व देकर, इस जगत में शौर्य की जीवित कहानी हो गये हैं, है नमन उनको, जिनके सामने बौना हिमालय, जो धरा पर गिर पड़े, पर आसमानी हो गये हैं..!!
उन आँखों की दो बूंदों से सातों सागर हारे हैं, जब मेहँदी वाले हाथों ने मंगल-सूत्र उतारे हैं।
यूनान-ओ-मिस्र-ओ रोमा सब मिट गए जहाँ से। अबतक मगर है बाकि नाम-ओ-निशाँ हमारा। कुछ बात है की हस्ती मिटती नहीं हमारी, सदियों से रहा है दुश्मन दौर-ए-जहाँ हमारा। सारे जहा से अच्छा हिन्दूस्तान हमारा हमारा..
जिन की पत्नी वेकेशन करने मायके चली गई है, वो स्टेटस पर तिरंगा लगा कर अपनी आज़ादी का ऐलान कर सकते हैं।
हम लहरायेंगे हर जगह ये तिरंगा नशा ये हिन्दुस्तान की शान का हैं !!
अपनी आजादी को हम हरगिज मिटा सकते नहीं सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नहीं
है नमन उनको, जो यशकाय को अमरत्व देकर, इस जगत में शौर्य की जीवित कहानी हो गये हैं, है नमन उनको, जिनके सामने बौना हिमालय, जो धरा पर गिर पड़े, पर आसमानी हो गये हैं..!!
उन आँखों की दो बूंदों से सातों सागर हारे हैं, जब मेहँदी वाले हाथों ने मंगल-सूत्र उतारे हैं।