फिर ग़लतफैमियो में डाल दिया.. जाते हुए मुस्कुराना ज़रूरी था

फिर ग़लतफैमियो में डाल दिया.. जाते हुए मुस्कुराना ज़रूरी था

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मेरी बात सुन ‪‎पगली‬ अकेले ‪हम‬ ही शामिल नही है इस ‪जुर्म‬ में.... जब नजरे‬ मिली थी तो ‎मुस्कराई तू‬ भी थी

सच्चे इश्क में अल्फाज़ से ज्यादा एहसास की एहमियत होती है

*सच्चा रिश्ता एक अच्छी पुस्तक जैसा होता है, कितना भी पुरानी हो जाए, फिर भी शब्द नहीं बदलते।*

तू करे ना करे..... मेरा इश़्क काफ़ी है... हम दोनों के लिये

रहा नहीं जाता आपके दीदार के बिना ज़िन्दगी अधूरी है मेरी आपके प्यार क बिना

यु तो तुझ से बोलने से डरता हूँ Single भी हूँ, पर तुझसे प्यार भी करता है ||

मेरी बात सुन ‪‎पगली‬ अकेले ‪हम‬ ही शामिल नही है इस ‪जुर्म‬ में.... जब नजरे‬ मिली थी तो ‎मुस्कराई तू‬ भी थी

सच्चे इश्क में अल्फाज़ से ज्यादा एहसास की एहमियत होती है

*सच्चा रिश्ता एक अच्छी पुस्तक जैसा होता है, कितना भी पुरानी हो जाए, फिर भी शब्द नहीं बदलते।*

तू करे ना करे..... मेरा इश़्क काफ़ी है... हम दोनों के लिये

रहा नहीं जाता आपके दीदार के बिना ज़िन्दगी अधूरी है मेरी आपके प्यार क बिना

यु तो तुझ से बोलने से डरता हूँ Single भी हूँ, पर तुझसे प्यार भी करता है ||