मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबुत रखना जरा से भी चुके तो मोहबत हो जायेगी

मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबुत रखना जरा से भी चुके तो मोहबत हो जायेगी

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*सच्चा रिश्ता एक अच्छी पुस्तक जैसा होता है, कितना भी पुरानी हो जाए, फिर भी शब्द नहीं बदलते।*

जो दिल के खास होते है, वो हर लम्हा आस-पास होते है |

उससे बढ़कर मेरी खुशी क्या है, तुम सलामत रहो कमी क्या है,

काश मोहब्बत में भी चुनाव होते, गजब का भाषण देते तुम्हें पाने के लिए.

मोहब्बत का कोई रंग नही फिर भी वो रंगीन है, प्यार का कोई चेहरा नही फिर भी वो हसीन हैं|

मुस्कराहट का कोई मोल नहीं होता, कुछ रिश्तों का कोई तोल नहीं होता लोग तो मिल जाते है हर मोड़ पर लेकिन हर कोई आप सब की तरह अनमोल नहीं होता

*सच्चा रिश्ता एक अच्छी पुस्तक जैसा होता है, कितना भी पुरानी हो जाए, फिर भी शब्द नहीं बदलते।*

जो दिल के खास होते है, वो हर लम्हा आस-पास होते है |

उससे बढ़कर मेरी खुशी क्या है, तुम सलामत रहो कमी क्या है,

काश मोहब्बत में भी चुनाव होते, गजब का भाषण देते तुम्हें पाने के लिए.

मोहब्बत का कोई रंग नही फिर भी वो रंगीन है, प्यार का कोई चेहरा नही फिर भी वो हसीन हैं|

मुस्कराहट का कोई मोल नहीं होता, कुछ रिश्तों का कोई तोल नहीं होता लोग तो मिल जाते है हर मोड़ पर लेकिन हर कोई आप सब की तरह अनमोल नहीं होता