मुझे अपने आप में कुछ यूँ बसालो, के ना रहा जुदा तुमसे, और खुद से तुम हो जाऊँ । ~ हर हर महादेव… जय शिव शंभू
अनजान हु अभी, धीरे धीरे सीख़ जाऊंगा पर किसी के सामने झुक कर, पहचान नहीं बनाऊंगा
भूल ना पाओगे महादेव कभी हमारी चाहत को, क्योंकि हमारी चाहत में गरीबी जरूर होगी लेकिन बेवफाई नहीं!! #हर-हर महादेव
महाकाल कि महेफील में बैठा किजिए साहब । बादशाहत का अंदाज़ खुद ब खुद आ जायेगा।। जय श्री महाकाल
माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।
जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.
मुझे अपने आप में कुछ यूँ बसालो, के ना रहा जुदा तुमसे, और खुद से तुम हो जाऊँ । ~ हर हर महादेव… जय शिव शंभू
अनजान हु अभी, धीरे धीरे सीख़ जाऊंगा पर किसी के सामने झुक कर, पहचान नहीं बनाऊंगा
भूल ना पाओगे महादेव कभी हमारी चाहत को, क्योंकि हमारी चाहत में गरीबी जरूर होगी लेकिन बेवफाई नहीं!! #हर-हर महादेव
महाकाल कि महेफील में बैठा किजिए साहब । बादशाहत का अंदाज़ खुद ब खुद आ जायेगा।। जय श्री महाकाल
माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।
जिनके रोम-रोम में शिव हैं वही विष पिया करते हैं , जमाना उन्हें क्या जलाएगा , जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.