हीरे मोती और जेवरात तो सेठ लोग पहनते है हम तो भोले के भक्त है इसीलिए रुद्राक्ष पहनते है
मैं और मेरा भोलेनाथ दोनो ही बड़े भुलक्कड़ है, वो मेरी गलतियाँ भूल जाते है, और मैं उनकी महेरबानियाँ… ?Mahadev?
महाकाल वो हस्ती है, जिससे मिलने को दुनियाँ तरसती है और हम उसी महेफिल में रोज बैठा करते है ।
हम महाकाल नाम की शमा के छोटे से परवाने है, कहने वाले कुछ भी कहे हम तो महाकाल के दिवाने है..!
जिनके रोम-रोम में शिव है, वहीं विष पिया करते हैं, जमाना उन्हें क्या जलायेंगा, जो श्रृंगार ही अंगार से करते है । ?Har Har Mahadev?
एक ही नशा सरेआम करते है, हालात चाहें जैसे भी हो.. दिल में महाकाली और जुबां पे महाकाल का नाम रखते हैं !!
हीरे मोती और जेवरात तो सेठ लोग पहनते है हम तो भोले के भक्त है इसीलिए रुद्राक्ष पहनते है
मैं और मेरा भोलेनाथ दोनो ही बड़े भुलक्कड़ है, वो मेरी गलतियाँ भूल जाते है, और मैं उनकी महेरबानियाँ… ?Mahadev?
महाकाल वो हस्ती है, जिससे मिलने को दुनियाँ तरसती है और हम उसी महेफिल में रोज बैठा करते है ।
हम महाकाल नाम की शमा के छोटे से परवाने है, कहने वाले कुछ भी कहे हम तो महाकाल के दिवाने है..!
जिनके रोम-रोम में शिव है, वहीं विष पिया करते हैं, जमाना उन्हें क्या जलायेंगा, जो श्रृंगार ही अंगार से करते है । ?Har Har Mahadev?
एक ही नशा सरेआम करते है, हालात चाहें जैसे भी हो.. दिल में महाकाली और जुबां पे महाकाल का नाम रखते हैं !!