महाकाल वो हस्ती है, जिससे मिलने को दुनियाँ तरसती है और हम उसी महेफिल में रोज बैठा करते है जय शिव शम्भू
माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।
हे मेरे महाकाल तुम्हारे होगें चाहने वाले बहुत इस कायनात में, मगर इस पागल की तो कायनात ही “तुम” हो जय श्री महाकाल?
अच्छी बात ये है कि मैं इंसान हूं, और उससे भी अच्छी बात ये है कि मैं महाकाल का भक्त हूं!!
मुझे अपने आप में कुछ यूँ बसालो, के ना रहा जुदा तुमसे, और खुद से तुम हो जाऊँ । ~ हर हर महादेव… जय शिव शंभू
गरज उठे गगन सारा, समंदर छोड़े अपना किनारा , हिल जाये जहान सारा, जब गूंजे महाकाल का नारा ।।।
महाकाल वो हस्ती है, जिससे मिलने को दुनियाँ तरसती है और हम उसी महेफिल में रोज बैठा करते है जय शिव शम्भू
माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।
हे मेरे महाकाल तुम्हारे होगें चाहने वाले बहुत इस कायनात में, मगर इस पागल की तो कायनात ही “तुम” हो जय श्री महाकाल?
अच्छी बात ये है कि मैं इंसान हूं, और उससे भी अच्छी बात ये है कि मैं महाकाल का भक्त हूं!!
मुझे अपने आप में कुछ यूँ बसालो, के ना रहा जुदा तुमसे, और खुद से तुम हो जाऊँ । ~ हर हर महादेव… जय शिव शंभू
गरज उठे गगन सारा, समंदर छोड़े अपना किनारा , हिल जाये जहान सारा, जब गूंजे महाकाल का नारा ।।।