माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।
महाकाल वो हस्ती है, जिससे मिलने को दुनियाँ तरसती है और हम उसी महेफिल में रोज बैठा करते है ।
ये कैसी घटा छाई है, हवा में नई सुर्खी आई है । फैली है जो सुगंध हवा में । जरूर महादेव ने चिलम जलाई है ।
मेने तेरा नाम लेके ही हर काम किया है मेरे भोलेनाथ और लोग समझते है कि बंदा किस्मत वाला है..!
लोग पूछते हैं – “कौन-सी दुनिया में जीते हो ?” हमने भी कह दिया – “महाकाल कि भक्ति में दुनिया कहा नज़र आती है ?”
भूल ना पाओगे महादेव कभी हमारी चाहत को, क्योंकि हमारी चाहत में गरीबी जरूर होगी लेकिन बेवफाई नहीं!! #हर-हर महादेव
माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।
महाकाल वो हस्ती है, जिससे मिलने को दुनियाँ तरसती है और हम उसी महेफिल में रोज बैठा करते है ।
ये कैसी घटा छाई है, हवा में नई सुर्खी आई है । फैली है जो सुगंध हवा में । जरूर महादेव ने चिलम जलाई है ।
मेने तेरा नाम लेके ही हर काम किया है मेरे भोलेनाथ और लोग समझते है कि बंदा किस्मत वाला है..!
लोग पूछते हैं – “कौन-सी दुनिया में जीते हो ?” हमने भी कह दिया – “महाकाल कि भक्ति में दुनिया कहा नज़र आती है ?”
भूल ना पाओगे महादेव कभी हमारी चाहत को, क्योंकि हमारी चाहत में गरीबी जरूर होगी लेकिन बेवफाई नहीं!! #हर-हर महादेव