नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वराय। नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे न काराय नमः शिवायः।।
लोगो ने कुछ दिया, तो सुनाया भी बहुत कुछ ऐ महादेव एक तेरा ही दर है, जहा कभी ताना नहीं मिला ।
माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।
शिव की बनी रहे आप पर छाया, पलट दे जो आपकी किस्मत की काया । मिले आपको वो सब अपनी जिंदगी में जो कभी किसी ने भी न पाया । ?Har Har Mahadev?
राम उसका रावण भी उसका, जीवन उसका मरण भी उसका, ताण्डव है और ध्यान भी वो है, अज्ञानी का ज्ञान भी वो है ।
दुश्मन बनकर मुझसे जीतने चला था नादान मेरे महाकाल से मोहब्बत कर लेता तो मै खुद हार जाता **जय महाकाल**
नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वराय। नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे न काराय नमः शिवायः।।
लोगो ने कुछ दिया, तो सुनाया भी बहुत कुछ ऐ महादेव एक तेरा ही दर है, जहा कभी ताना नहीं मिला ।
माया को चाहने वाला बिखर जाता है, और महाकाल को चाहने वाला निखर जाता है ।
शिव की बनी रहे आप पर छाया, पलट दे जो आपकी किस्मत की काया । मिले आपको वो सब अपनी जिंदगी में जो कभी किसी ने भी न पाया । ?Har Har Mahadev?
राम उसका रावण भी उसका, जीवन उसका मरण भी उसका, ताण्डव है और ध्यान भी वो है, अज्ञानी का ज्ञान भी वो है ।
दुश्मन बनकर मुझसे जीतने चला था नादान मेरे महाकाल से मोहब्बत कर लेता तो मै खुद हार जाता **जय महाकाल**