-क्या इतने दूर निकल आये है हम, के तेरे ख्यालों में भी नहीं आती .. ‘
रहते हुए इस जहां मे मुद्दत गुज़र गई फिर भी अपने आप को अजनबी पता हु मैं…
कुछ तो बात है तेरी फितरत में ऐ दोस्त, वरना तुझ को याद करने की खता हम बार-बार न करते!
अभी तक याद कर रहा है ए पागल दिल, उसने तो तेरे बाद भी हजारो भुला दिए.. "I Miss You"
तेरी बे’रुखी का अंजाम एक दिन यही होगा, आखीर भुला ही देंगे तुझे याद करते करते ..
शाम होते ही चिरागों को भुजा देती हूँ, दिल ही काफ़ी है तेरी याद में जलने क लिए ..
-क्या इतने दूर निकल आये है हम, के तेरे ख्यालों में भी नहीं आती .. ‘
रहते हुए इस जहां मे मुद्दत गुज़र गई फिर भी अपने आप को अजनबी पता हु मैं…
कुछ तो बात है तेरी फितरत में ऐ दोस्त, वरना तुझ को याद करने की खता हम बार-बार न करते!
अभी तक याद कर रहा है ए पागल दिल, उसने तो तेरे बाद भी हजारो भुला दिए.. "I Miss You"
तेरी बे’रुखी का अंजाम एक दिन यही होगा, आखीर भुला ही देंगे तुझे याद करते करते ..
शाम होते ही चिरागों को भुजा देती हूँ, दिल ही काफ़ी है तेरी याद में जलने क लिए ..