यादें क्यों नहीं बिछड़ जातीं, लोग तो पल में बिछड़ जाते हैं..
तेरा मिलना,, मेरे लिए ख्वाब सही,, पर तुझे भूलूँ मैं,,ऐसा कोई लम्हा मेरे पास नहीं..
क्यों तुम मेरे ख्यालों में आकर चली जाती हो? अपनी जुल्फों को बिखराकर चली जाती हो. रग रग में उमड़ आता हैतूफान हुस्न का, तुम जो फूल सा मुस्कुराकर चली जाती हो.
मत पूछो कैसे गुजरता है हर पल तुम्हारे बिना, कभी बात करने की हसरत कभी देखने की तमन्ना !!
सारी गलतियाँ मेरी, सारे कसूर मेरे …!! सारी कमियां मुझमें, सारे दोष भी मेरे, तुम तो अच्छे हो ना , याद ही कर लिया करो …!!
ये ठंडी सी रात तेरी याद दिलाती हैं मुझसे दूर है तू फिर भी तेरी आहट सुनाती हैं
यादें क्यों नहीं बिछड़ जातीं, लोग तो पल में बिछड़ जाते हैं..
तेरा मिलना,, मेरे लिए ख्वाब सही,, पर तुझे भूलूँ मैं,,ऐसा कोई लम्हा मेरे पास नहीं..
क्यों तुम मेरे ख्यालों में आकर चली जाती हो? अपनी जुल्फों को बिखराकर चली जाती हो. रग रग में उमड़ आता हैतूफान हुस्न का, तुम जो फूल सा मुस्कुराकर चली जाती हो.
मत पूछो कैसे गुजरता है हर पल तुम्हारे बिना, कभी बात करने की हसरत कभी देखने की तमन्ना !!
सारी गलतियाँ मेरी, सारे कसूर मेरे …!! सारी कमियां मुझमें, सारे दोष भी मेरे, तुम तो अच्छे हो ना , याद ही कर लिया करो …!!
ये ठंडी सी रात तेरी याद दिलाती हैं मुझसे दूर है तू फिर भी तेरी आहट सुनाती हैं