तेरा हाथ थाम कर, प्यार की राहों पे चलना चाहती हूँ , फिर ख़ुशी मिली या दुःख यह मेरा नसीब है ..
ये अजीब खेल चल रहा है मेरी ज़िन्दगी में जहाँ ” याद ” का लफ्ज़ आ जाए , वहां तुम याद आ जाते हो।
*जिदंगी कभी रूकती नही किसी के बिना….* *पर फिर भी वो चलती नही अपने किसी खास के बिना….!
जब भी तेरी याद आती है, तब मै अपने दिल पे हाथ रखता हूं, क्युकी मुझे पता है, तू कही नही मिले तो यहा जरुर मिलेगी..
दिल का हाल बताना नही आता, किसी को ऐसे तडपाना नही आता, सुन ना चाहते है एक बार आवाज आपकी, मगर बात करने का बहाना नही आता…!!
पानी की तरह एक दिन तेरी आँखों से बह जाएंगे, हम राख बन चुके होंगे और आप ढूँढ़ते रह जाएंगे..
तेरा हाथ थाम कर, प्यार की राहों पे चलना चाहती हूँ , फिर ख़ुशी मिली या दुःख यह मेरा नसीब है ..
ये अजीब खेल चल रहा है मेरी ज़िन्दगी में जहाँ ” याद ” का लफ्ज़ आ जाए , वहां तुम याद आ जाते हो।
*जिदंगी कभी रूकती नही किसी के बिना….* *पर फिर भी वो चलती नही अपने किसी खास के बिना….!
जब भी तेरी याद आती है, तब मै अपने दिल पे हाथ रखता हूं, क्युकी मुझे पता है, तू कही नही मिले तो यहा जरुर मिलेगी..
दिल का हाल बताना नही आता, किसी को ऐसे तडपाना नही आता, सुन ना चाहते है एक बार आवाज आपकी, मगर बात करने का बहाना नही आता…!!
पानी की तरह एक दिन तेरी आँखों से बह जाएंगे, हम राख बन चुके होंगे और आप ढूँढ़ते रह जाएंगे..