उस से तार्रुफ़ तो करा दो मेरा ….. बस अजनबी कह के मिलाना मुझको !!!
खुल जाता है तेरी यादों का बाजार सुबह सुबह, और इसी रौनक में मेरा दिन गुज़र जाता है. "I Miss You"
होती है बड़ी जालिम एक तरफा मोहब्बत, वो याद तोह आते है पर याद नहीं करते
तेरी याद आती है तो आँख भर ही आती है, वरना हर बात पर यूँ रोने की आदत नहीं मुझे !!
उस मोड़ से शुरू करे फिर से ज़िन्दगी, जब हर शाम हसीन थी और हम-तुम थे अजनबी ..
पलको पर रूका है समन्दर खुमार का, कितना अजब नशा है तेरे इंतजार का..
उस से तार्रुफ़ तो करा दो मेरा ….. बस अजनबी कह के मिलाना मुझको !!!
खुल जाता है तेरी यादों का बाजार सुबह सुबह, और इसी रौनक में मेरा दिन गुज़र जाता है. "I Miss You"
होती है बड़ी जालिम एक तरफा मोहब्बत, वो याद तोह आते है पर याद नहीं करते
तेरी याद आती है तो आँख भर ही आती है, वरना हर बात पर यूँ रोने की आदत नहीं मुझे !!
उस मोड़ से शुरू करे फिर से ज़िन्दगी, जब हर शाम हसीन थी और हम-तुम थे अजनबी ..
पलको पर रूका है समन्दर खुमार का, कितना अजब नशा है तेरे इंतजार का..