नींद तो ठीक ठाक आईं पर जैसे ही आँखें खुली, फिर वहीं जिन्दगी और फिर वहीं, पगली याद आईं..

नींद तो ठीक ठाक आईं पर जैसे ही आँखें खुली, फिर वहीं जिन्दगी और फिर वहीं, पगली याद आईं..

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यादों मैं हमारी वो भी खोये होंगे, खुली आँखों से कभी वो भी सोए होंगे, माना हँसना है अदा ग़म छुपाने की, पर हँसते-हँसते कभी वो भी रोए होंगे..

डरते है आग से कहीं जल न जाये, डरते है ख्वाब से कहीं टूट न जाये, लेकिन सबसे ज़्यादा डरते है आपसे, कहीं आप हमे भूल न जाये..

उस मोड़ से शुरू करे फिर से ज़िन्दगी, जब हर शाम हसीन थी और हम-तुम थे अजनबी ..

कोशिशें मेरी हर रोज नाकाम हो जाती है… ? यादें तेरी जकड़ ही लेती है शाम होते-होते!!

तेरा मिलना,, मेरे लिए ख्वाब सही,, पर तुझे भूलूँ मैं,,ऐसा कोई लम्हा मेरे पास नहीं..

रहते हुए इस जहां मे मुद्दत गुज़र गई फिर भी अपने आप को अजनबी पता हु मैं…

यादों मैं हमारी वो भी खोये होंगे, खुली आँखों से कभी वो भी सोए होंगे, माना हँसना है अदा ग़म छुपाने की, पर हँसते-हँसते कभी वो भी रोए होंगे..

डरते है आग से कहीं जल न जाये, डरते है ख्वाब से कहीं टूट न जाये, लेकिन सबसे ज़्यादा डरते है आपसे, कहीं आप हमे भूल न जाये..

उस मोड़ से शुरू करे फिर से ज़िन्दगी, जब हर शाम हसीन थी और हम-तुम थे अजनबी ..

कोशिशें मेरी हर रोज नाकाम हो जाती है… ? यादें तेरी जकड़ ही लेती है शाम होते-होते!!

तेरा मिलना,, मेरे लिए ख्वाब सही,, पर तुझे भूलूँ मैं,,ऐसा कोई लम्हा मेरे पास नहीं..

रहते हुए इस जहां मे मुद्दत गुज़र गई फिर भी अपने आप को अजनबी पता हु मैं…