तुझे याद करना न करना अब मेरे बस में कहाँ, दिल को आदत है हर धड़कन पे तेरा नाम लेने की..

तुझे याद करना न करना अब मेरे बस में कहाँ, दिल को आदत है हर धड़कन पे तेरा नाम लेने की..

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कभी तो हिसाब करो हमारा भी, इतनी मोहब्बत भला कौन देता है उधार में..

निगाहों में दूसरा कोई आए ही न पाया, भरोसा ही कुछ ऐसा था – तेरे लौट आने का..

उस मोड़ से शुरू करे फिर से ज़िन्दगी, जब हर शाम हसीन थी और हम-तुम थे अजनबी ..

-अगर तू वजह न पूछे तोह एक बात कहूं, बीन याद किये तुझे अब सोया नहीं जाता ..

अखबार तो रोज़ आता है घर में, बस अपनों की ख़बर नहीं आती. "मिस यू"

मुझे इतना याद आकर बेचैन ना करो तुम, एक यही सितम काफी है कि साथ नहीं हो तुम…

कभी तो हिसाब करो हमारा भी, इतनी मोहब्बत भला कौन देता है उधार में..

निगाहों में दूसरा कोई आए ही न पाया, भरोसा ही कुछ ऐसा था – तेरे लौट आने का..

उस मोड़ से शुरू करे फिर से ज़िन्दगी, जब हर शाम हसीन थी और हम-तुम थे अजनबी ..

-अगर तू वजह न पूछे तोह एक बात कहूं, बीन याद किये तुझे अब सोया नहीं जाता ..

अखबार तो रोज़ आता है घर में, बस अपनों की ख़बर नहीं आती. "मिस यू"

मुझे इतना याद आकर बेचैन ना करो तुम, एक यही सितम काफी है कि साथ नहीं हो तुम…