रहते हुए इस जहां मे मुद्दत गुज़र गई फिर भी अपने आप को अजनबी पता हु मैं…
बारिश के बाद तार पर टंगी आख़री बूंद से पूछना, क्या होता है अकेलापन.. "I Miss You"
तेरे बिना कैसे गुजरेगी ये रातें, तन्हाई का गम कैसे सहेंगी ये रातें, बहुत लंबी है घड़ियां इंतजार की, करवट बदल-बदल कर कटेंगी ये रातें!
दिन भी ठीक से नहीं गुजरता और रात भी बडी तड़पाती है, क्या करू यार तेरी याद ही जो इतनी आती है.
याददाश़्त का कमज़ोर होना उतनी भी बुरी बात नहीं, बड़े बेचैन रहते है वो लोग जिन्हे हर बात याद रहती है..
~हम चाह कर भी पूछ ही नई पाते उनका हाल, डरते हैं कहीं यह न केहड़ी वह, तुम्हे यह हक किसने दिया .. ?
रहते हुए इस जहां मे मुद्दत गुज़र गई फिर भी अपने आप को अजनबी पता हु मैं…
बारिश के बाद तार पर टंगी आख़री बूंद से पूछना, क्या होता है अकेलापन.. "I Miss You"
तेरे बिना कैसे गुजरेगी ये रातें, तन्हाई का गम कैसे सहेंगी ये रातें, बहुत लंबी है घड़ियां इंतजार की, करवट बदल-बदल कर कटेंगी ये रातें!
दिन भी ठीक से नहीं गुजरता और रात भी बडी तड़पाती है, क्या करू यार तेरी याद ही जो इतनी आती है.
याददाश़्त का कमज़ोर होना उतनी भी बुरी बात नहीं, बड़े बेचैन रहते है वो लोग जिन्हे हर बात याद रहती है..
~हम चाह कर भी पूछ ही नई पाते उनका हाल, डरते हैं कहीं यह न केहड़ी वह, तुम्हे यह हक किसने दिया .. ?