क्यों तुम मेरे ख्यालों में आकर चली जाती हो? अपनी जुल्फों को बिखराकर चली जाती हो. रग रग में उमड़ आता हैतूफान हुस्न का, तुम जो फूल सा मुस्कुराकर चली जाती हो.

क्यों तुम मेरे ख्यालों में आकर चली जाती हो? अपनी जुल्फों को बिखराकर चली जाती हो. रग रग में उमड़ आता हैतूफान हुस्न का, तुम जो फूल सा मुस्कुराकर चली जाती हो.

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चाँद को गुरूर है क्योंकि उसके पास नूर है, मैं किस पर गुरूर करूँ मेरा चाँद ही मुझसे दूर है..

कैसे करूं मैं साबित… कि तुम याद बहुत आते हो, एहसास तुम समझते नहीं और अदाएं हमें आती नहीं…

कैसे थाम ले किसी और का हाथ अगर वो तनहा मिल गए कही तो हम क्या जवाब देंगे.

अगर रो कर भूलाएं जाती यादें, तो हंसकर कोई गम ना छुपाता…

यादें कभी फीकी नहीं पड़ती चाहे कितनी ही कोई दूर हो, जाए याद आए तो हमारे दिल में रहती हैं, चाहे कितनी ही बड़ी गलती क्यों ना हो जाए…

-अगर तू वजह न पूछे तोह एक बात कहूं, बीन याद किये तुझे अब सोया नहीं जाता ..

चाँद को गुरूर है क्योंकि उसके पास नूर है, मैं किस पर गुरूर करूँ मेरा चाँद ही मुझसे दूर है..

कैसे करूं मैं साबित… कि तुम याद बहुत आते हो, एहसास तुम समझते नहीं और अदाएं हमें आती नहीं…

कैसे थाम ले किसी और का हाथ अगर वो तनहा मिल गए कही तो हम क्या जवाब देंगे.

अगर रो कर भूलाएं जाती यादें, तो हंसकर कोई गम ना छुपाता…

यादें कभी फीकी नहीं पड़ती चाहे कितनी ही कोई दूर हो, जाए याद आए तो हमारे दिल में रहती हैं, चाहे कितनी ही बड़ी गलती क्यों ना हो जाए…

-अगर तू वजह न पूछे तोह एक बात कहूं, बीन याद किये तुझे अब सोया नहीं जाता ..