क्यों तुम मेरे ख्यालों में आकर चली जाती हो? अपनी जुल्फों को बिखराकर चली जाती हो. रग रग में उमड़ आता हैतूफान हुस्न का, तुम जो फूल सा मुस्कुराकर चली जाती हो.

क्यों तुम मेरे ख्यालों में आकर चली जाती हो? अपनी जुल्फों को बिखराकर चली जाती हो. रग रग में उमड़ आता हैतूफान हुस्न का, तुम जो फूल सा मुस्कुराकर चली जाती हो.

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न कर ज़िद अपनी हद में रह ए दिल वो बड़े लोग है अपनी मर्ज़ी से याद करते है

दिल लगता नहीं है अब तुम्हारे बिना खामोश से रहने लगे हैं तुम्हारे बिना जल्दी लौट आओ अब यही चाह है वरना जी ना पाएंगे तुम्हारे बिना…!!!

कैसे थाम ले किसी और का हाथ अगर वो तनहा मिल गए कही तो हम क्या जवाब देंगे.

मालूम होते ही भूल गए हो शायद, यह फीर कमाल का सबर रखते हो ..

ये अजीब खेल चल रहा है मेरी ज़िन्दगी में जहाँ ” याद ” का लफ्ज़ आ जाए , वहां तुम याद आ जाते हो।

कोशिश करेंगे, जल्द से जल्द लौट आएँ मगर फिर भी, दुआओं में याद रखना हमें I miss you

न कर ज़िद अपनी हद में रह ए दिल वो बड़े लोग है अपनी मर्ज़ी से याद करते है

दिल लगता नहीं है अब तुम्हारे बिना खामोश से रहने लगे हैं तुम्हारे बिना जल्दी लौट आओ अब यही चाह है वरना जी ना पाएंगे तुम्हारे बिना…!!!

कैसे थाम ले किसी और का हाथ अगर वो तनहा मिल गए कही तो हम क्या जवाब देंगे.

मालूम होते ही भूल गए हो शायद, यह फीर कमाल का सबर रखते हो ..

ये अजीब खेल चल रहा है मेरी ज़िन्दगी में जहाँ ” याद ” का लफ्ज़ आ जाए , वहां तुम याद आ जाते हो।

कोशिश करेंगे, जल्द से जल्द लौट आएँ मगर फिर भी, दुआओं में याद रखना हमें I miss you