क्यों तुम मेरे ख्यालों में आकर चली जाती हो? अपनी जुल्फों को बिखराकर चली जाती हो. रग रग में उमड़ आता हैतूफान हुस्न का, तुम जो फूल सा मुस्कुराकर चली जाती हो.

क्यों तुम मेरे ख्यालों में आकर चली जाती हो? अपनी जुल्फों को बिखराकर चली जाती हो. रग रग में उमड़ आता हैतूफान हुस्न का, तुम जो फूल सा मुस्कुराकर चली जाती हो.

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वफ़ा का नाम न लो यारो, वफ़ा दिल को दुकहाती है, जब भी वफ़ा का नाम लेते है, हमे एक बेवफा की याद आती है.

यादें क्यों नहीं बिछड़ जातीं, लोग तो पल में बिछड़ जाते हैं..

खींच लेती हैं मुझे उनकी मोहब्बत हर बार, वर्ण बोहत बार मिले थे उनसे आखिर बार ..

सब कुछ है लेकिन उसके बिना सुकून नहीं है!!

भले ही तुझसे आज दूर हूँ पगली, लेकिन तेरी फिक्र करना मुझे आज भी अच्छा लगता है..

सुनो तुम बदल गए हो क्या या तुम थे ही ऐसे .. ‘

वफ़ा का नाम न लो यारो, वफ़ा दिल को दुकहाती है, जब भी वफ़ा का नाम लेते है, हमे एक बेवफा की याद आती है.

यादें क्यों नहीं बिछड़ जातीं, लोग तो पल में बिछड़ जाते हैं..

खींच लेती हैं मुझे उनकी मोहब्बत हर बार, वर्ण बोहत बार मिले थे उनसे आखिर बार ..

सब कुछ है लेकिन उसके बिना सुकून नहीं है!!

भले ही तुझसे आज दूर हूँ पगली, लेकिन तेरी फिक्र करना मुझे आज भी अच्छा लगता है..

सुनो तुम बदल गए हो क्या या तुम थे ही ऐसे .. ‘