ये आरज़ू नहीं कि किसी को भुलाएं हम. न तमन्ना है किसी को रुलाएं हम. पर दुआ है उस रब से एक ही, जिसको जितना याद करते हैं उसको उतना याद आयें हम.
किसी नजर को तेरा इंतज़ार आज भी है कहाँ हो तुम के ये दिल बेकरार आज भी है
शाम होते ही चिरागों को भुजा देती हूँ, दिल ही काफ़ी है तेरी याद में जलने क लिए ..
“एक सिलसिले की उमीद थी जिनसे, वही फ़ासले बनाते गये, हम तो पास आने की कोशिश मे थे, जाने क्यूँ वो दूरियाँ बढ़ाते गये.”
कोशिश करेंगे, जल्द से जल्द लौट आएँ मगर फिर भी, दुआओं में याद रखना हमें I miss you
मुझे किसी के बदल जाने का कोई गम नहीं, बस कोई था जिस से यह उम्मीद नहीं थी!!
ये आरज़ू नहीं कि किसी को भुलाएं हम. न तमन्ना है किसी को रुलाएं हम. पर दुआ है उस रब से एक ही, जिसको जितना याद करते हैं उसको उतना याद आयें हम.
किसी नजर को तेरा इंतज़ार आज भी है कहाँ हो तुम के ये दिल बेकरार आज भी है
शाम होते ही चिरागों को भुजा देती हूँ, दिल ही काफ़ी है तेरी याद में जलने क लिए ..
“एक सिलसिले की उमीद थी जिनसे, वही फ़ासले बनाते गये, हम तो पास आने की कोशिश मे थे, जाने क्यूँ वो दूरियाँ बढ़ाते गये.”
कोशिश करेंगे, जल्द से जल्द लौट आएँ मगर फिर भी, दुआओं में याद रखना हमें I miss you
मुझे किसी के बदल जाने का कोई गम नहीं, बस कोई था जिस से यह उम्मीद नहीं थी!!