खुल जाता है तेरी यादों का बाजार सुबह सुबह, और इसी रौनक में मेरा दिन गुज़र जाता है. "I Miss u"
कब तक बहाना बनाता रहूँ आँख में कचरा चले जाने का, लो आज सरेआम कहता हूँ के, मैं तुझे याद करके रोता हूँ..
मालूम होते ही भूल गए हो शायद, यह फीर कमाल का सबर रखते हो ..
तेरे बाद नज़र आती नहीं मुझे अब कोई मंज़िल, किसी और का हो जाना अब मेरे बस में ही नहीं ..
दूर ही सही, किनारा तो है, टिमटिमाता ही सही, सितारा तो है, होजती है तुम्हारी याद से ही तसल्ली, तिनका ही सही सहारा तो है..
जिस ने छोड़ दिया मुझी पुराने साल की तरह, उसे नया साल भी मुबारक नए यार भी मुबारक .. ‘
खुल जाता है तेरी यादों का बाजार सुबह सुबह, और इसी रौनक में मेरा दिन गुज़र जाता है. "I Miss u"
कब तक बहाना बनाता रहूँ आँख में कचरा चले जाने का, लो आज सरेआम कहता हूँ के, मैं तुझे याद करके रोता हूँ..
मालूम होते ही भूल गए हो शायद, यह फीर कमाल का सबर रखते हो ..
तेरे बाद नज़र आती नहीं मुझे अब कोई मंज़िल, किसी और का हो जाना अब मेरे बस में ही नहीं ..
दूर ही सही, किनारा तो है, टिमटिमाता ही सही, सितारा तो है, होजती है तुम्हारी याद से ही तसल्ली, तिनका ही सही सहारा तो है..
जिस ने छोड़ दिया मुझी पुराने साल की तरह, उसे नया साल भी मुबारक नए यार भी मुबारक .. ‘