जब भी तेरी याद आती है तब मै अपने दिल पे हाथ रखता हूं, क्युकी मुझे पता है तू कही नही मिले तो यहा जरुर मिलेगी .!!
पता है तुम्हें, मैं बहुत बातें करता हूँ, तुम्हारी चाँद से,अक्सर रातों में. सच्ची ये और बात है, कि मैं बताता नहीं हूँ तुम्हें..
हमे जिसकी याद आती है उसे हमारी कभी याद नहीं आती..
दिल में छिपी यादों से सवारु तुझे, तू दिखे तो अपनी आँखों में उतारू तुझे, तेरे नाम को लबों पे ऐसे सजाया हैं, सो भी जाऊ तो खव्बो में पुकारू तुझे!!
चाँद को गुरूर है क्योंकि उसके पास नूर है, मैं किस पर गुरूर करूँ मेरा चाँद ही मुझसे दूर है..
तुम्हारे बिना कुछ सोचा नहीं जाता. एक पल भी बिन तुम्हारे हमसे जिया नहीं जाता, इतना भी याद आया न करो, फिर तुमसे दूर हमसे रहा नहीं जाता…..
जब भी तेरी याद आती है तब मै अपने दिल पे हाथ रखता हूं, क्युकी मुझे पता है तू कही नही मिले तो यहा जरुर मिलेगी .!!
पता है तुम्हें, मैं बहुत बातें करता हूँ, तुम्हारी चाँद से,अक्सर रातों में. सच्ची ये और बात है, कि मैं बताता नहीं हूँ तुम्हें..
हमे जिसकी याद आती है उसे हमारी कभी याद नहीं आती..
दिल में छिपी यादों से सवारु तुझे, तू दिखे तो अपनी आँखों में उतारू तुझे, तेरे नाम को लबों पे ऐसे सजाया हैं, सो भी जाऊ तो खव्बो में पुकारू तुझे!!
चाँद को गुरूर है क्योंकि उसके पास नूर है, मैं किस पर गुरूर करूँ मेरा चाँद ही मुझसे दूर है..
तुम्हारे बिना कुछ सोचा नहीं जाता. एक पल भी बिन तुम्हारे हमसे जिया नहीं जाता, इतना भी याद आया न करो, फिर तुमसे दूर हमसे रहा नहीं जाता…..