गुजर रही है ये जिंदगी बड़े ही नाज़ुक दौर से ……!!! मिलती नहीं तसल्ली तेरे सिवा किसी और से…..!!!
दिन भी ठीक से नहीं गुजरता और रात भी बडी तड़पाती है, क्या करू यार तेरी याद ही जो इतनी आती है.
याद उन्ही की आती है, जिनसे दिल के तालुक हो…… हर किसी से मोहब्बत हो ऐसा तो मुमकिन नहीं….!!
तेरी बे’रुखी का अंजाम एक दिन यही होगा, आखीर भुला ही देंगे तुझे याद करते करते ..
“एक सिलसिले की उमीद थी जिनसे, वही फ़ासले बनाते गये, हम तो पास आने की कोशिश मे थे, जाने क्यूँ वो दूरियाँ बढ़ाते गये.”
कितने चेहरे हैं इस दुनिया में, मगर हमको एक चेहरा ही नज़र आता है, दुनिया को हम क्या देखे, उसकी यादों में सारा वक़्त गुज़र जाता है.
गुजर रही है ये जिंदगी बड़े ही नाज़ुक दौर से ……!!! मिलती नहीं तसल्ली तेरे सिवा किसी और से…..!!!
दिन भी ठीक से नहीं गुजरता और रात भी बडी तड़पाती है, क्या करू यार तेरी याद ही जो इतनी आती है.
याद उन्ही की आती है, जिनसे दिल के तालुक हो…… हर किसी से मोहब्बत हो ऐसा तो मुमकिन नहीं….!!
तेरी बे’रुखी का अंजाम एक दिन यही होगा, आखीर भुला ही देंगे तुझे याद करते करते ..
“एक सिलसिले की उमीद थी जिनसे, वही फ़ासले बनाते गये, हम तो पास आने की कोशिश मे थे, जाने क्यूँ वो दूरियाँ बढ़ाते गये.”
कितने चेहरे हैं इस दुनिया में, मगर हमको एक चेहरा ही नज़र आता है, दुनिया को हम क्या देखे, उसकी यादों में सारा वक़्त गुज़र जाता है.