दुनियाँ भर की यादें हम से मिलने आती है, शाम ढले इस सूने घर में मेला सा लगता है..
कभी किसी का जो होता था इंतज़ार हमें, बड़ा ही शाम-ओ-सहर का हिसाब रखते थे..
पलको पर रूका है समन्दर खुमार का, कितना अजब नशा है तेरे इंतजार का..
कभी बदली सा बरसना कभी चाँद सा छुप जाना… उफ़्फ़् ! बहुत खलता है तेरा यूँ चुपके से चले जाना !! miss u
बंद आंखों में मेरी चले आते हो तुम, अपनों की तरह, आंख खुलते ही तुम खो जाते हो कहीं सपनों की तरह!! I Miss You
जब सारी दुनिया सोती है, तेरी यादें मुझ पर हावी होती है।
दुनियाँ भर की यादें हम से मिलने आती है, शाम ढले इस सूने घर में मेला सा लगता है..
कभी किसी का जो होता था इंतज़ार हमें, बड़ा ही शाम-ओ-सहर का हिसाब रखते थे..
पलको पर रूका है समन्दर खुमार का, कितना अजब नशा है तेरे इंतजार का..
कभी बदली सा बरसना कभी चाँद सा छुप जाना… उफ़्फ़् ! बहुत खलता है तेरा यूँ चुपके से चले जाना !! miss u
बंद आंखों में मेरी चले आते हो तुम, अपनों की तरह, आंख खुलते ही तुम खो जाते हो कहीं सपनों की तरह!! I Miss You
जब सारी दुनिया सोती है, तेरी यादें मुझ पर हावी होती है।