उसके बदलने का कोई दुःख नहीं, बस अपने ऐतबार पर शर्मिंदा हूं

उसके बदलने का कोई दुःख नहीं, बस अपने ऐतबार पर शर्मिंदा हूं

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सिलसिला आज भी वही जारी है, तेरी याद, मेरी नींदों पर भारी है

दर्द सहने की कुछ यु आदत सी हो गई है.... की अब दर्द न मिले तो दर्द सा होता है

सारी दुनिया के रूठ जाने से मुझे कोई दुख नहीं, बस एक तेरा खामोश रहना मुझे तकलीफ देता है

क़दर करना सीख लो कहीं कोई थक ही न जाये तुम्हें एहसास दिलाते दिलाते

जिंदगी बड़ी अजीब सी हो गयी है, जो मुसाफिर थे वो रास नहीं आये, जिन्हें चाहा वो साथ नहीं आये ..!!

पास आकर सभी दूर चले जाते हैं, हम अकेले थे अकेले ही रह जाते हैं, दिल का दर्द किसे दिखाएं, मरहम लगाने वाले ही जख्म दे जाते हैं |

सिलसिला आज भी वही जारी है, तेरी याद, मेरी नींदों पर भारी है

दर्द सहने की कुछ यु आदत सी हो गई है.... की अब दर्द न मिले तो दर्द सा होता है

सारी दुनिया के रूठ जाने से मुझे कोई दुख नहीं, बस एक तेरा खामोश रहना मुझे तकलीफ देता है

क़दर करना सीख लो कहीं कोई थक ही न जाये तुम्हें एहसास दिलाते दिलाते

जिंदगी बड़ी अजीब सी हो गयी है, जो मुसाफिर थे वो रास नहीं आये, जिन्हें चाहा वो साथ नहीं आये ..!!

पास आकर सभी दूर चले जाते हैं, हम अकेले थे अकेले ही रह जाते हैं, दिल का दर्द किसे दिखाएं, मरहम लगाने वाले ही जख्म दे जाते हैं |