“कैसे बयां करू अल्फाज नहीं है” “दर्द का मेरे तुझे एहसास नहीं है” “पूछते हो कि मुझे दर्द क्या है” “दर्द ये है की तू मेरे पास नहीं है"
पानी की तरह एक दिन तेरी आँखों से बह जाएंगे, हम राख बन चुके होंगे और आप ढूँढ़ते रह जाएंगे..
पता है तुम्हें, मैं बहुत बातें करता हूँ, तुम्हारी चाँद से,अक्सर रातों में. सच्ची ये और बात है, कि मैं बताता नहीं हूँ तुम्हें..
मेरी ज़िंदगी तो है, पर उसका मतलब कुछ नही, पूरा हो कर भी अधूरा है सब, संग मेरे तू जो नही.. "आई मिस यू"
उस मोड़ से शुरू करे फिर से ज़िन्दगी, जब हर शाम हसीन थी और हम-तुम थे अजनबी ..
वह मुझ से पूछते , किस किस के ख्वाब देखती हो .. ? बे-खबर जानते नहीं, उसकी यादें मुझे सोने ही नहीं देतीं ..
“कैसे बयां करू अल्फाज नहीं है” “दर्द का मेरे तुझे एहसास नहीं है” “पूछते हो कि मुझे दर्द क्या है” “दर्द ये है की तू मेरे पास नहीं है"
पानी की तरह एक दिन तेरी आँखों से बह जाएंगे, हम राख बन चुके होंगे और आप ढूँढ़ते रह जाएंगे..
पता है तुम्हें, मैं बहुत बातें करता हूँ, तुम्हारी चाँद से,अक्सर रातों में. सच्ची ये और बात है, कि मैं बताता नहीं हूँ तुम्हें..
मेरी ज़िंदगी तो है, पर उसका मतलब कुछ नही, पूरा हो कर भी अधूरा है सब, संग मेरे तू जो नही.. "आई मिस यू"
उस मोड़ से शुरू करे फिर से ज़िन्दगी, जब हर शाम हसीन थी और हम-तुम थे अजनबी ..
वह मुझ से पूछते , किस किस के ख्वाब देखती हो .. ? बे-खबर जानते नहीं, उसकी यादें मुझे सोने ही नहीं देतीं ..